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गोरखपुर: किशोरी का उत्पीड़न कर वेश्यावृत्ति कराने का दूसरा आरोपी गिरफ्तार, हो सकती है यह सजा

Sat, 28 Aug 2021 09:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 28 Aug 2021 09:39 AM IST
सार

पीड़िता ने 21 अगस्त को सीएम के कैंप कार्यालय में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया था कि मकान मालिक का बेटा कल्लू और भतीजा करन ने उससे दुष्कर्म किया। अब वे दूसरे के साथ सोने को मजबूर करते हैं। विरोध करने पर बेल्ट और डंडे से मारपीट करते थे।

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Second accused arrested for harassing teenager and getting into prostitution in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के तिवारीपुर में 13 साल की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और दूसरों के सामने परोसने के दर्ज मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दूसरे आरोपी निजामपुर निवासी कल्लू कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी किशोरी को उत्पीड़ित कर जबरन घर का काम कराने, वेश्यावृत्ति कराने, मारने-पीटने, जान से मारने की धमकी देने, देह व्यापार कराने के आरोप में की गई है।
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दरअसल, खुद से सामूहिक दुष्कर्म और दूसरों के सामने परोसने का आरोप लगाने वाली किशोरी मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए कलमबंद बयान में पूर्व के बयान से पलट गई थी। जिसकी वजह से पुलिस ने दिए गए बयान के आधार पर इस मामले में देह व्यापार, वेश्यावृत्ति कराने, उत्पीड़न करने की धारा में केस को तब्दील कर दिया है।
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जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने 21 अगस्त को सीएम के कैंप कार्यालय में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया था कि मकान मालिक का बेटा कल्लू और भतीजा करन ने उससे दुष्कर्म किया। अब वे दूसरे के साथ सोने को मजबूर करते हैं। विरोध करने पर बेल्ट और डंडे से मारपीट करते थे। शिकायत के बावजूद तिवारीपुर पुलिस ने उसकी नहीं सुनी थी।
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अमर उजाला ने मामला प्रमुखता से उठाया तो पुलिस ने अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया था। लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर नासीर हुसैन को लाइनहाजिर कर दिया गया था। अब पीड़िता का मेडिकल और कलमबंद बयान कराया गया।

बकौल पुलिस, कोर्ट में दिए गए कलमबंद बयान में किशोरी ने सामूहिक दुष्कर्म की बात नहीं बताई, बल्कि बताया कि मकान मालिक का बेटा उससे घर में जबरन काम कराता था। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को मकान मालिक के भतीजे करन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और शुक्रवार को मालिक के बेटे कल्लू को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने बताया कि कोर्ट में दिए गए बयान और जांच के आधार पर सुसंगत धाराओं में आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई है। मामले की जांच जारी है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह हो सकती है सजा

धारा 374: किसी को उसकी इच्छा के खिलाफ श्रम कराना, विवश करना (सजा एक साल या अर्थिक दंड या दोनों)
धारा 372: नाबालिग से अवैध संबंध बनवाना या दुराचारिक प्रयोजन के काम में लाया (सजा दस साल व आर्थिक दंड)
धारा 323, 506: जानबूझ कर किसी को चोट पहुंचाना और धमकी (सजा एक साल या एक हजार जुर्माना या दोनों, धमकी के मामले में अतिरिक्त सजा)
5क- अनैतिक देह व्यापार अधिनियम: वेश्यागृह चलाना या मदद करना (सजा तीन साल कठोर कारावास व दो हजार जुर्माना)

इंस्पेक्टर नासीर हुसैन को दंडित करना ही चाहिए ?
इस मामले में आरोपितों की घिनौनी हकीकत सामने आने के बाद यह तो साफ ही हो गया कि तत्कालीन इंस्पेक्टर थाना तिवारीपुर नासीर हुसैन ने अपने क्षेत्र में संज्ञेय अपराध होने की जानकारी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। यही नहीं मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से जानकारी मिलने पर भी उन्होंने पूरे मामले की अनदेखी की। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से न उठाया होता तो नासीर हुसैन इस मामले को किराएदारी का विवाद करार देकर नाबालिग को देहव्यापार की भट्टी में जलते देखते रहते। तो फिर कठोर कार्रवाई तो उनके खिलाफ भी होनी ही चाहिए। केवल लाइन हाजिर तो कोई सजा नही। मामले की जांच सीओ को दी गई थी, राष्ट्रपति के आगमन की व्यस्तता के चलते फिलहाल उसमें कोई नतीजा नहीं आया। इस बीच यह भी याद करने की बात है कि उस दरोगा का क्या होगा, जिसने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से शिकायत मिलने के बाद मौका मुआयना करके इंस्पेक्टर को बताया था कि ये किराएदारी का विवाद है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी ही चाहिए।

...और खरीदकर देह का आनंद भोगने वालों का क्या होगा ?
इस मामले में आईपीसी की धारा 372 के तहत कार्रवाई करते ही स्पष्ट हो गया कि पीड़िता नाबालिग है। विधि विशेषज्ञ कहते हैं कि इससे स्पष्ट है कि पकड़े गए देहव्यापार के आरोपितों ने जिन-जिन ‘शौकीनों’ को पीड़िता को बेचा, वे भी अपराध कर चुके हैं। नाबालिग से यौन संबंध बनाना सीधे तौर पर दुष्कर्म की परिधि में आता है। ऐसे लोगों को तलाश करके उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई होनी ही चाहिए। उन्होंने दुष्कर्म किया, नाबालिग से लैंगिक अपराध किया। यानि, देहव्यापार के आरोपितों से ज्यादा बड़ा अपराध किया। इस संबंध में इंस्पेक्टर थाना तिवारीपुर, आरपी सिंह से सवाल करने पर उन्होंने कहा कि विवेचना में इन तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जिसने भी अपराध किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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