Scrapping Policy: कबाड़ हो जाएंगे गोरखपुर जिले के 1.31 लाख वाहन, ऐसे पाएं रोड टैक्स में 15 फीसदी की छूट
सरकारी वाहनों के लिए स्क्रैप पॉलिसी लागू होने के बाद एक फरवरी तक गोरखपुर आरटीओ में महज चार लोगों ने स्क्रैप सेंटर खोलने के लिए रुचि दिखाई है । नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत पहले चरण में सरकारी और अर्धसरकारी वाहन कबाड़ घोषित किए जाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्क्रैप पॉलिसी लागू होने के बाद एक अप्रैल को अपनी उम्र पूरी कर चुके जिले के 1.31 लाख वाहन कबाड़ हो जाएंगे। एक अप्रैल से लागू हो रही ह्वीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों को कबाड़ घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है जो 15 वर्ष से अधिक के हो गए हैं।
फिलहाल, जिले में 11 लाख से अधि वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 1.31 लाख से अधिक वाहन कबाड़ की श्रेणी में आ गए हैं। इसमें 1,06,251 मोटरसाइकिल और स्कूटर, 4229 मोपेड और 20,646 कार शामिल हैं। इन वाहनों की निर्धारित आयु 15 वर्ष पूरी हो चुकी है।
इसमें से अधिकतर के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं हुआ है। कुछ सड़क पर प्रदूषण फैलाने के साथ दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं तो कुछ दरवाजे या दुकानों पर खड़े हैं। उम्र पूरी करने के बाद भी स्वामियों ने इन वाहनों का पुन: पंजीयन नहीं कराया है। निजी वाहनों के लिए रोड टैक्स में 15 फीसदी और व्यवसायिक वाहनों के लिए आठ वर्ष पर कुल टैक्स में 10 फीसदी की छूट मिलेगी।
इतनी होती है वाहनों की आयु
अधिकतर वाहन स्वामी एक बार पंजीयन कराने के बाद वाहनों के नवीनीकरण और फिटनेस को भूल जाते हैं। गाड़ी जबतक चलती है ठीक, नहीं तो दरवाजे पर खड़ी कर देते हैं। दो पहिया, कार और स्कूल बस की आयु सीमा 15 वर्ष होती है। व्यवसायिक ट्रक और बसों की आयु 20 वर्ष होती है। उम्र पूरी होने के बाद वाहनों का दोबारा पंजीयन अनिवार्य है।
स्क्रैप सेंटर के लिए मिले सिर्फ चार आवेदन
सरकारी वाहनों के लिए स्क्रैप पॉलिसी लागू होने के बाद एक फरवरी तक गोरखपुर आरटीओ में महज चार लोगों ने स्क्रैप सेंटर खोलने के लिए रुचि दिखाई है । नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत पहले चरण में सरकारी और अर्धसरकारी वाहन कबाड़ घोषित किए जाएंगे।
आरटीओ प्रशासन अनीता सिंह ने कहा कि स्क्रैप पॉलिसी लागू होने के बाद 15 वर्ष से पुराने वाहन स्क्रैप किए जाएंगे। स्क्रैप सेंटर खोलने के लिए पात्र व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।