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सत्यम हॉस्पिटल प्रकरण: जालसाजी के आरोपी डॉ. सुनील को जेल, दिल्ली में हुआ था गिरफ्तार

Fri, 03 Mar 2023 11:22 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 03 Mar 2023 11:22 AM IST
सार

सत्यम हॉस्पिटल में तीन जनवरी 2023 को जैनपुर टोला काजीपुर निवासी रामवदन की गर्भवती पत्नी सोनावत की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने रामवदन की तहरीर पर रंजीत निषाद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। रंजीत व कथित नर्स गीता को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है।
 

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Satyam Hospital episode Dr. Sunil accused of forgery jailed
गोरखपुर पुलिस की गिरफ्त में आरोपी डॉ. सुनील। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले में गुलरिहा इलाके के भटहट स्थित सत्यम हॉस्पिटल में गर्भवती की मौत मामले में वांछित डॉ. सुनील सरोज को पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। डॉ. सुनील के नाम पर ही सत्यम हॉस्पिटल का अवैध पंजीकरण किया गया था।

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एसीएमओ ने उसे कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी का आरोपी बनाया है। पुलिस डॉ. सुनील को दिल्ली के संतनगर बुराडी बाबा कॉलोनी से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई।
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उधर, जांच के दौरान सीएमओ दफ्तर के दो डॉक्टरों के भी नाम सामने आए हैं। पता चला है कि इन्हीं ने पंजीकरण कराया था। अब इनकी भी तलाश शुरू कर दी गई है। डॉ. सुनील मूलरूप से प्रयागराज जिले के शिवकुटी गोविंदपुर का निवासी है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपी के बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि सत्यम हॉस्पिटल का पंजीकरण कराने के बाद वह दिल्ली चला गया था। हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद उसके परिजन ने संचालक, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर व सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। संचालक समेत चार आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फरार चल रहे डॉ. सुनील सरोज पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेज के जरिये सत्यम हॉस्पिटल का पंजीकरण कराने में सीएमओ कार्यालय के दो डाॅक्टर भी शामिल थे, उनकी तलाश चल रही है।

 

पढ़ाई के दौरान 2018 में भी जेल गया था डॉ. सुनील

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वर्ष 2018 में डॉ. सुनील सरोज ने एक डॉक्टर की डिग्री चोरी कर ली थी। उसकी मदद से एक पैथोलॉजी का संचालन भी किया जा रहा था। मामला पकड़ में आने के बाद केस दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भिजवाया था। वहां से छूटने के बाद उसने पढ़ाई जारी रखी और फिर दिल्ली में रहने लगा।

इस दौरान उसने अपनी डिग्री सत्यम हॉस्पिटल के पंजीकरण के लिए दे दी। पंजीकरण के दौरान उसने शपथ पत्र देकर यह भी कहा था कि वह नियमित रूप हॉस्पिटल में रहेगा, लेकिन मामला पकड़े जाने के बाद पता चला कि वह कभी हॉस्पिटल नहीं गया। इसके बाद ही एसीएमओ ने केस दर्ज कराया था।

यह है मामला
सत्यम हॉस्पिटल में तीन जनवरी 2023 को जैनपुर टोला काजीपुर निवासी रामवदन की गर्भवती पत्नी सोनावत की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने रामवदन की तहरीर पर रंजीत निषाद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। रंजीत व कथित नर्स गीता को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है।

पुलिस ने इस मामले में दूसरा केस एसीएमओ डॉ. एके सिंह की तहरीर पर डॉ. सुनील कुमार सरोज व संचालक सुभाष निषाद के खिलाफ दर्ज किया है। सुभाष को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन डॉक्टर फरार था। अब पुलिस ने डॉक्टर सुनील को भी दबोच लिया। इस पूरे मामले में पंजीकरण कराने वाले हिस्ट्रीशीटर सत्येंद्र को भी जेल भेजा जा चुका है।

 

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