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नर्सरी से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई तक मिलेगी छात्रवृत्ति, ऐसे कर सकते हैं आवेदन
Mon, 23 Nov 2020 09:35 AM IST
vivek shukla
विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 23 Nov 2020 09:35 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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कामगारों के बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार की ओर से कई छात्रवृत्ति योजनाओं का संचालन किया जाता है। जिसका लाभ लेकर कामगार अपने बच्चों के विकास को प्रमुखता जोड़ सकते हैं। मगर अशिक्षा और जानकारी के अभाव में इसका लाभ वांछित वर्ग को नहीं मिल पाता है।
आज ऐसी ही एक छात्रवृत्ति के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। जिसके तहत कामगारों के कक्षा एक से लेकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले बेटे-बेटियों को सौ से पांच हजार रुपये तक छात्रवृत्ति मिलेगी। संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा एक से इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बेटे-बेटियों को हर महीने सौ से पांच हजार रुपये छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है। यह लाभ उनके दो बच्चों के लिए है। आवेदन करने पर पंजीयन संख्या, बैंक खाता नंबर, पिछली कक्षा उत्तीर्ण होने की मार्कशीट, अगली कक्षा में प्रवेश लेने का प्रमाण पत्र लगाना होगा।
ये हैं पात्रता
इस योजना के अंतर्गत ऐसे बालक और बालिका पात्र होंगे- जिनके माता पिता बोर्ड में पंजीकृत निर्माण कर्मकार हों, ऐसे लाभार्थी पंजीकृत कर्मकार उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो, बालक या बालिका की आयु 25 वर्ष या इससे कम हो, शिक्षारत बालक और बाालिका ऐसे शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हो जो कि सरकार द्वारा विधिमान्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो।
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आज ऐसी ही एक छात्रवृत्ति के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। जिसके तहत कामगारों के कक्षा एक से लेकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले बेटे-बेटियों को सौ से पांच हजार रुपये तक छात्रवृत्ति मिलेगी। संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा एक से इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बेटे-बेटियों को हर महीने सौ से पांच हजार रुपये छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है। यह लाभ उनके दो बच्चों के लिए है। आवेदन करने पर पंजीयन संख्या, बैंक खाता नंबर, पिछली कक्षा उत्तीर्ण होने की मार्कशीट, अगली कक्षा में प्रवेश लेने का प्रमाण पत्र लगाना होगा।
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ये हैं पात्रता
इस योजना के अंतर्गत ऐसे बालक और बालिका पात्र होंगे- जिनके माता पिता बोर्ड में पंजीकृत निर्माण कर्मकार हों, ऐसे लाभार्थी पंजीकृत कर्मकार उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो, बालक या बालिका की आयु 25 वर्ष या इससे कम हो, शिक्षारत बालक और बाालिका ऐसे शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हो जो कि सरकार द्वारा विधिमान्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो।
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ऐसे कर सकते हैं आवेदन
छात्रवृत्ति के लिए श्रम विभाग के साथ साथ संबंधित तहसीलदार कार्यालय और खंड विकास अधिकारी कार्यालय से निर्धारित आवेदन फार्म हासिल कर आवेदन किया जा सकता है। इस आवेदन पत्र को प्रधानाचार्य से अभिप्रमाणित कराते हुए दो प्रतियों में कार्यालय में जमा कराना होगा। कार्यालय की ओर से आवेदनकर्ता को पावती भी प्रदान की जाएगी। छात्रवृत्ति का लाभ केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगी, जिनकी कक्षा में उपस्थिति 60 फीसदी होगी।
किस कक्षा के विद्यार्थियों को कितना वजीफा (रुपये में)
छात्रवृत्ति के लिए श्रम विभाग के साथ साथ संबंधित तहसीलदार कार्यालय और खंड विकास अधिकारी कार्यालय से निर्धारित आवेदन फार्म हासिल कर आवेदन किया जा सकता है। इस आवेदन पत्र को प्रधानाचार्य से अभिप्रमाणित कराते हुए दो प्रतियों में कार्यालय में जमा कराना होगा। कार्यालय की ओर से आवेदनकर्ता को पावती भी प्रदान की जाएगी। छात्रवृत्ति का लाभ केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगी, जिनकी कक्षा में उपस्थिति 60 फीसदी होगी।
किस कक्षा के विद्यार्थियों को कितना वजीफा (रुपये में)
- एक से पांच तक- 100 रुपये
- छह से आठ तक- 150 रुपये
- नौंवी-दसवीं - 200 रुपये
- 11 वीं-12 वीं- 250 रुपये
- आइटीआई प्रशिक्षण पर- 500 रुपये
- राजकीय संस्थान से पॉलीटेक्निक करने पर- 800 रुपये
- स्नातक - 1000 रुपये
- स्नातकोत्तर- 2000 रुपये
- राजकीय संस्थान से इंजीनियरिंग करने पर- 3000 रुपये
- मेडिकल की पढ़ाई करने पर- 5000 रुपये
- इंजीनियरिंग और मेडिकल के स्नातकोत्तर डिग्री करने पर - 8000 रुपये
- किसी विषय से अनुसंधान करने पर - 12000 रुपये
सहायक श्रमायुक्त विनय श्रीवास्तव ने बताया कि कामगारों के बच्चों के लिए सरकार की ओर से विशेष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत कक्षा एक से लेकर परास्नातक, अनुसंधान तक के लिए प्रति माह सौ रुपये से लेकर 12000 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। कोई भी पंजीकृत कामगार छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकता है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली इस छात्रवृत्ति की जानकारी बच्चों को प्रदान करने के लिए सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है। अभिभावक अशिक्षित हैं तो फार्म भरवाने में बच्चों की मदद की जाती है। हर बच्चे तक शिक्षा को पहुंचाने की दिशा में विभाग की ओर से हर जतन किया जा रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली इस छात्रवृत्ति की जानकारी बच्चों को प्रदान करने के लिए सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है। अभिभावक अशिक्षित हैं तो फार्म भरवाने में बच्चों की मदद की जाती है। हर बच्चे तक शिक्षा को पहुंचाने की दिशा में विभाग की ओर से हर जतन किया जा रहा है।