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गोरखपुर: रामानंद के इलाज के लिए बढ़े हाथ, विधायक ने गांव पहुंचकर की आर्थिक मदद
Sat, 08 Oct 2022 10:31 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 08 Oct 2022 10:31 AM IST
सार
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि रामानंद के इलाज के संबंध में जानकारी ली गई है। इलाज का इस्टीमेट तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा। मरीज को डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। मरीज के परिजनों ने शनिवार को जिला अस्पताल आने की बात कही है। जिला अस्पताल में मरीज का डायलिसिस कराया जाएगा।
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रामानंद अपने माता-पिता के साथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र के ग्राम टड़वा माफी निवासी रामानंद गोंड के इलाज के लिए हाथ बढ़ने लगे हैं। क्षेत्रीय विधायक प्रदीप शुक्ला शुक्रवार को रामानंद के घर गए और आर्थिक मदद की। उन्होंने जिला प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने रामानंद को डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल बुलाया है। उनका कहना है कि इलाज में हर संभव मदद की जाएगी।
रामानंद के पिता सुदामा ने बताया कि छह माह पहले रामानंद की आंखों में दिक्कत हुई थी। परिजनों ने जांच कराई तो किडनी खराब होने की जानकारी डॉक्टरों ने दी। इसके बाद इलाज के लिए निजी अस्पताल गए तो, डायलिसिस की सलाह दी गई। कुछ दिनों तक डायलिसिस हुआ, लेकिन किडनी ठीक नहीं हुई। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है, जिसमें काफी खर्च आएगा। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से सुदामा बेटे का इलाज नहीं करा पा रहे हैं।
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सुदामा ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर लखनऊ तक से निराश लौट आया हूं। कहीं इलाज की सुविधा नहीं मिल पाई। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड से भी इलाज नहीं हो पा रहा है। डॉक्टर कार्ड से इलाज न करने की बात कह रहे हैं। क्योंकि, इस बीमारी में आयुष्मान कार्ड पर केवल एक दिन के लिए 1500 रुपये की ही सुविधा उपलब्ध है। जबकि किडनी का इलाज महंगा है। विधायक प्रदीप शुक्ला ने बताया कि मामले में प्रशासन से बात की गई है। इलाज की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि रामानंद के इलाज के संबंध में जानकारी ली गई है। इलाज का इस्टीमेट तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा। मरीज को डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। मरीज के परिजनों ने शनिवार को जिला अस्पताल आने की बात कही है। जिला अस्पताल में मरीज का डायलिसिस कराया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार अन्य इलाज किया जाएगा। जिला अस्पताल में सभी इलाज निशुल्क हैं।
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रामानंद के पिता सुदामा ने बताया कि छह माह पहले रामानंद की आंखों में दिक्कत हुई थी। परिजनों ने जांच कराई तो किडनी खराब होने की जानकारी डॉक्टरों ने दी। इसके बाद इलाज के लिए निजी अस्पताल गए तो, डायलिसिस की सलाह दी गई। कुछ दिनों तक डायलिसिस हुआ, लेकिन किडनी ठीक नहीं हुई। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है, जिसमें काफी खर्च आएगा। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से सुदामा बेटे का इलाज नहीं करा पा रहे हैं।
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सुदामा ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर लखनऊ तक से निराश लौट आया हूं। कहीं इलाज की सुविधा नहीं मिल पाई। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड से भी इलाज नहीं हो पा रहा है। डॉक्टर कार्ड से इलाज न करने की बात कह रहे हैं। क्योंकि, इस बीमारी में आयुष्मान कार्ड पर केवल एक दिन के लिए 1500 रुपये की ही सुविधा उपलब्ध है। जबकि किडनी का इलाज महंगा है। विधायक प्रदीप शुक्ला ने बताया कि मामले में प्रशासन से बात की गई है। इलाज की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि रामानंद के इलाज के संबंध में जानकारी ली गई है। इलाज का इस्टीमेट तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा। मरीज को डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। मरीज के परिजनों ने शनिवार को जिला अस्पताल आने की बात कही है। जिला अस्पताल में मरीज का डायलिसिस कराया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार अन्य इलाज किया जाएगा। जिला अस्पताल में सभी इलाज निशुल्क हैं।