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गोरखपुर: पूर्व सीएम की बहू साधना सिंह को भाजपा ने बनाया जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार, पहले भी संभाल चुकी हैं कुर्सी
Tue, 22 Jun 2021 06:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 22 Jun 2021 06:46 PM IST
सार
भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू और पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह पर दांव लगाया है।
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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष के उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू और पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह पर दांव लगाया है। इससे पहले साधना सिंह 2010 से 2015 के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुकी हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
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बता दें कि साधना सिंह कैंपियरगंज क्षेत्र के वार्ड नंबर-19 से चुनाव जीती हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रबल दावेदार बताई जा रही हैं। इससे पहले साधना 2010 से 2015 के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुकी हैं। यह पहला मौका होगा, जब कोई महिला दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष कुर्सी संभाल सकती है।
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वार्ड नंबर-19 से चुनाव जीतने वाली साधना सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू हैं। साधना के पति फतेहबहादुर सिंह कैंपियरगंज से भाजपा विधायक हैं। वह 1991 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। चुनावी रणनीति में फतेहबहादुर सिंह को माहिर माना जाता है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिला है। लिहाजा, पार्टी आलाकमान की ओर से साधना को जिला पंचायत अध्यक्ष की तैयारी में जुटने की हरी झंडी दे दी गई है।
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बरकरार रह सकता है महिला जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड
अगर साधना जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं तो एक रिकॉर्ड फिर नहीं टूटेगा। दरअसल, जिला पंचायत गठन के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी महिलाओं के पास ही रही है। एक बार भी पुरुष जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बना है। पहले शोभा साहनी, फिर सुभावती पासवान ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी।
इसके बाद चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं। इस बार भी साधना सिंह की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अगर अध्यक्ष बनीं तो महिलाओं के अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बरकरार रहेगा।
इसके बाद चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं। इस बार भी साधना सिंह की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अगर अध्यक्ष बनीं तो महिलाओं के अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बरकरार रहेगा।