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UP Panchayat Election Result 2021: दूसरी बार गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष बन सकती हैं साधना सिंह
Wed, 05 May 2021 10:36 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 05 May 2021 10:36 AM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू व कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह की पत्नी हैं साधना
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साधना सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद की जिला पंचायत अध्यक्ष दूसरी बार साधना सिंह बन सकती हैं। वह कैंपियरगंज क्षेत्र के वार्ड नंबर-19 से चुनाव जीती हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रबल दावेदार बताई जा रही हैं। इससे पहले साधना 2010 से 2015 के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुकी हैं। यह पहला मौका होगा, जब कोई महिला दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष कुर्सी संभाल सकती है।
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वार्ड नंबर-19 से चुनाव जीतने वाली साधना सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू हैं। साधना के पति फतेहबहादुर सिंह कैंपियरगंज से भाजपा विधायक हैं। वह 1991 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। चुनावी रणनीति में फतेहबहादुर सिंह को माहिर माना जाता है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिला है।
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लिहाजा, पार्टी आलाकमान की ओर से साधना को जिला पंचायत अध्यक्ष की तैयारी में जुटने की हरी झंडी दे दी गई है। अगर पार्टी को बहुमत मिलता तो विकल्प की तलाश की जा सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब साधना भाजपा, हियुवा के बागियों के साथ ही निर्दलियों को साधने में जुट गई हैं।
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भाजपा के सूत्रों का कहना है कि साधना के पास राजनीति का लंबा अनुभव है। वह एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। दोबारा अध्यक्ष बनीं तो फायदा मिलेगा। जिला पंचायत सदन का संचालन अच्छे से होगा। विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। जिला पंचायत में भाजपा की सरकार बनी रहेगी। भाजपा के पास स्पष्ट जनादेश नहीं है। ऐसी स्थिति में समर्थित जिला पंचायत सदस्यों को साधे रखना जरूरी रहेगा, यह काम साधना बखूबी कर सकती हैं।
बरकरार रह सकता है महिला जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड
अगर साधना जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं तो एक रिकॉर्ड फिर नहीं टूटेगा। दरअसल, जिला पंचायत गठन के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी महिलाओं के पास ही रही है। एक बार भी पुरुष जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बना है। पहले शोभा साहनी, फिर सुभावती पासवान ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। इसके बाद चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं। इस बार भी साधना सिंह की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अगर अध्यक्ष बनीं तो महिलाओं के अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बरकरार रहेगा।