गोरखपुर: जिला अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, जमकर हुई तोड़फोड़ और हाथापाई
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार रात मरीज की मौत पर बवाल हो गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट करने के साथ ही तोड़फोड़ की। इमरजेंसी वार्ड के शीशे और मेज को तोड़ दिए। बीएचटी (बेड हेड टिकट) को फाड़ने की कोशिश की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
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गोरखपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार रात मरीज की मौत पर बवाल हो गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट करने के साथ ही तोड़फोड़ की। इमरजेंसी वार्ड के शीशे और मेज को तोड़ दिए। बीएचटी (बेड हेड टिकट) को फाड़ने की कोशिश की गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने डॉ. आशीष वर्मा की तहरीर पर पांच लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने, स्टाफ से दुर्व्यवहार, गाली गलौज, मारपीट, तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने की धाराओं का आरोपी बनाया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान हिंदी बाजार निवासी व मृतका के देवर सावन, जेठ सतीश गुप्ता, भतीजा सौरव गुप्ता और रायगंज निवासी आकाश शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
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जानकारी के मुताबिक, राजघाट थाना क्षेत्र के हिंदी बाजार, दीवान दयाराम निवासी मीरा की बुधवार को तबीयत खराब हो गई। हालत नाजुक होने पर परिजन शाम 6:35 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। डॉ. आशीष वर्मा ने प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
आरोप है एंबुलेंस को लौटाने के साथ ही परिजन ने अपनी सहमति से मरीज को जिला अस्पताल में ही भर्ती करा दिया। कोतवाली थाने को दी तहरीर में डॉ. आशीष वर्मा ने लिखा है कि रात में मीरा की स्थिति गंभीर होने पर नर्स ने जानकारी दी तो उन्होंने परिजन से फिर एक बार मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा, लेकिन मना कर दिया।
रात में 11.50 बजे मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। प्रथम तल पर स्थित वार्ड, ड्यूटी रूम में तोड़फोड़ करने लगे। समझाने की कोशिश करने पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
मरीज को रेफर करने पर हुआ विवाद
डॉक्टर ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, लेकिन परिजन वहां नहीं जाना चाहते थे। जिला अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ने पर दोबारा रात में रेफर करने की बात कही और 108 नंबर एंबुलेंस भी बुला ली गई थी, लेकिन परिजनों ने एंबुलेंस को लौटा दी थी।
डॉक्टर की तहरीर पर पांच लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है। चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगी है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी सिटी