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गोरखपुर में 59 बच्चों के प्राइवेट स्कूल में मुफ्त पढ़ने का सपना हुआ साकार, 225 अभिभावकों को होना पड़ा मायूस
Sat, 15 Aug 2020 11:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2020 11:32 AM IST
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शहर के निजी स्कूलों में 59 अभिभावक अपने बच्चों को मुफ्त पढ़ा सकेंगे। शुक्रवार को लॉटरी के माध्यम से तीसरे चरण में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दिए गए। वहीं, सीट खत्म होने की वजह से 225 अभिभावकों को मायूस होना पड़ा। ये अभिभावक अब अगले वर्ष आरटीई के तहत प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने पहली बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए तीसरे चरण में ऑनलाइन आवेदन मंगाए। 10 अगस्त तक 284 फॉर्म बेसिक शिक्षा विभाग को मिले। 11-12 अगस्त को मिले फॉर्म का सत्यापन बेसिक शिक्षा विभाग ने किया। शनिवार को लॉटरी से स्कूल का आवंटन हुआ।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जरूरतमंदों के बच्चों को जिले के निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश का मौका दिया जाता है। इन बच्चों की फीस शासन की ओर से स्कूल प्रबंधन को दी जाती है। वहीं, कॉपी किताब के लिए रकम अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है।
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1853 को मिला लाभ
तीसरे चरण के स्कूल आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इस वर्ष आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने का लाभ जिले के 1853 विद्यार्थियों को मिलेगा। वहीं, 1841 अभिभावकों का सपना सीटें खत्म होने की वजह से पूरा नहीं हो सका है। शासन की ओर से प्रत्येक वर्ष दो चरणों में जरूरतमंदों के बच्चे से आवेदन फॉर्म मंगाए जाते हैं।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत तीसरे चरण के लाभार्थियों को स्कूल का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। चयनित लाभार्थियों की सूची नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय के साथ बीएसए कार्यालय पर चस्पा कर दी गई है। मंगलवार तक स्कूल आवंटन पत्र का वितरण लाभार्थियों को किया जाएगा। जिसके बाद वो चयनित विद्यालय पर जाकर प्रवेश सुनिश्चित करा सकेंगे।
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कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने पहली बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए तीसरे चरण में ऑनलाइन आवेदन मंगाए। 10 अगस्त तक 284 फॉर्म बेसिक शिक्षा विभाग को मिले। 11-12 अगस्त को मिले फॉर्म का सत्यापन बेसिक शिक्षा विभाग ने किया। शनिवार को लॉटरी से स्कूल का आवंटन हुआ।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जरूरतमंदों के बच्चों को जिले के निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश का मौका दिया जाता है। इन बच्चों की फीस शासन की ओर से स्कूल प्रबंधन को दी जाती है। वहीं, कॉपी किताब के लिए रकम अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है।
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1853 को मिला लाभ
तीसरे चरण के स्कूल आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इस वर्ष आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने का लाभ जिले के 1853 विद्यार्थियों को मिलेगा। वहीं, 1841 अभिभावकों का सपना सीटें खत्म होने की वजह से पूरा नहीं हो सका है। शासन की ओर से प्रत्येक वर्ष दो चरणों में जरूरतमंदों के बच्चे से आवेदन फॉर्म मंगाए जाते हैं।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत तीसरे चरण के लाभार्थियों को स्कूल का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। चयनित लाभार्थियों की सूची नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय के साथ बीएसए कार्यालय पर चस्पा कर दी गई है। मंगलवार तक स्कूल आवंटन पत्र का वितरण लाभार्थियों को किया जाएगा। जिसके बाद वो चयनित विद्यालय पर जाकर प्रवेश सुनिश्चित करा सकेंगे।