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Gorakhpur Zoo: उजड़ा कुनबा फिर बसेगा..लाए जाएंगे रोजी पेलिकन- लकड़बग्घा; बढ़ेगा वन्यजीवों का परिवार
Mon, 14 Jul 2025 01:50 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 14 Jul 2025 01:50 PM IST
सार
चिड़ियाघर में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से ही तैयारी थी। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और संबंधित चिड़ियाघर से बातचीत भी हो गई थी। लखनऊ, कानपुर और दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन को वन्यजीव देने का निर्देश भी दे दिया गया था।
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चिड़ियाघर में रोजी पेलिकन
- फोटो : स्त्रोत- चिड़ियाघर
विस्तार
वन्यजीवों के बर्ड फ्लू के संक्रमण मुक्त होने के बाद अब शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में उनका कुनबा बढ़ाने की तैयारी चल रही है। लखनऊ चिड़ियाघर से दो जोड़े रोजी पेलिकन पक्षी लाए जाएंगे। इसके साथ ही कानपुर चिड़ियाघर से हाइना (लकड़बग्घा) और दिल्ली चिड़ियाघर से बोनट मकाक बंदर और लाेमड़ी को लाया जाएगा। इस संबंध में संबंधित चिड़ियाघर प्रशासन से पत्राचार किया गया है।
चिड़ियाघर में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से ही तैयारी थी। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और संबंधित चिड़ियाघर से बातचीत भी हो गई थी। लखनऊ, कानपुर और दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन को वन्यजीव देने का निर्देश भी दे दिया गया था। इसी बीच बर्ड फ्लू संक्रमण की वजह से गोरखपुर और कानपुर चिड़ियाघर बंद हो गए। इस वजह से वन्यजीवों को लाने की प्रक्रिया भी ठप हो गई।
चिड़ियाघर के उप निदेशक व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर के शुभारंभ पर चार रोजी पेलिकन पक्षी आए थे। दो जोड़े और लाए जाएंगे। दर्शकों को ये पक्षी खूब पसंद आते हैं। ये आकार में बड़े होते हैं। इनके पंख सात से 11 फीट तक फैलते हैं।
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डाॅ. योगेश ने बताया कि लकड़बग्घा, लोमड़ी और बोनट बंदर भी लाने की तैयारी है। इनके आने से खाली पड़े बाड़े भर जाएंगे और दर्शकों का भी मनोरंजन होगा। मौसम सही होते ही सभी वन्यजीवों को लाने के लिए प्राणि उद्यान की टीम रवाना हो जाएगी।
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चिड़ियाघर में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से ही तैयारी थी। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और संबंधित चिड़ियाघर से बातचीत भी हो गई थी। लखनऊ, कानपुर और दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन को वन्यजीव देने का निर्देश भी दे दिया गया था। इसी बीच बर्ड फ्लू संक्रमण की वजह से गोरखपुर और कानपुर चिड़ियाघर बंद हो गए। इस वजह से वन्यजीवों को लाने की प्रक्रिया भी ठप हो गई।
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चिड़ियाघर के उप निदेशक व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर के शुभारंभ पर चार रोजी पेलिकन पक्षी आए थे। दो जोड़े और लाए जाएंगे। दर्शकों को ये पक्षी खूब पसंद आते हैं। ये आकार में बड़े होते हैं। इनके पंख सात से 11 फीट तक फैलते हैं।
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डाॅ. योगेश ने बताया कि लकड़बग्घा, लोमड़ी और बोनट बंदर भी लाने की तैयारी है। इनके आने से खाली पड़े बाड़े भर जाएंगे और दर्शकों का भी मनोरंजन होगा। मौसम सही होते ही सभी वन्यजीवों को लाने के लिए प्राणि उद्यान की टीम रवाना हो जाएगी।