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Gorakhpur News: रॉकेट वैज्ञानिक पद्मभूषण नंबी नारायणन होंगे दीक्षांत समाराेह के मुख्य अतिथि
Sun, 14 Jul 2024 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:52 AM IST
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फोटो
एमएमएमयूटी: 29 अगस्त को होगा विश्वविद्यालय का नौवां दीक्षांत समारोह
डीएससी की मानद उपाधि से विभूषित किए जाएंगे नंबी नारायणन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नौवां दीक्षांत समारोह 29 अगस्त को आयोजित होगा। मुख्य अतिथि इसरो के प्रसिद्ध रॉकेट वैज्ञानिक पद्मभूषण नंबी नारायणन होंगे। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय नंबी नारायणन को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि से विभूषित करेगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अभिजित मिश्र ने बताया कि कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में नंबी नारायणन को आमंत्रित किए जाने और उन्हें डीएससी की मानद उपाधि से विभूषित किए जाने की स्वीकृति दे दी है। नारायणन ने भी दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने की स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद दीक्षांत समारोह की तैयारियों में तेजी आ गई है। शुक्रवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बैठक कर समारोह की तैयारियों की समीक्षा की।
2022 में बन चुकी है फिल्म
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नंबी नारायणन का जन्म 1941 में तमिलनाडु के नागरकोइल में हुआ था। उन्होंने त्यागराजार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मदुरै से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की उपाधि प्राप्त की। 1966 में इसरो के थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन से अपना कॅरिअर शुरू किया। 1969 में वह प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका गए, जहां उन्होंने रासायनिक तरल प्रणोदन (केमिकल लिक्विड प्रोपल्शन) में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की। वहां से लौटकर इसरो में उन्होंने भारतीय रॉकेटों के लिए पहली बार लिक्विड प्रोपेलेंट मोटर विकसित किए, जो अब तक इसरो के पास नहीं थे। नंबी नारायणन को भारत में तरल प्रणोदन प्रौद्योगिकी की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है। नारायणन और उनकी टीम ने ''''विकास'''' नामक इंजन तैयार किया, जिसे भारत के अति महत्वपूर्ण रॉकेट पीएसएलवी और जीएसएलवी में प्रयोग किया गया। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2019 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 2022 में उनके जीवन पर ''''रॉकेटरी: द नंबी इफेक्ट'''' नामक फिल्म भी बनी।
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एमएमएमयूटी: 29 अगस्त को होगा विश्वविद्यालय का नौवां दीक्षांत समारोह
डीएससी की मानद उपाधि से विभूषित किए जाएंगे नंबी नारायणन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नौवां दीक्षांत समारोह 29 अगस्त को आयोजित होगा। मुख्य अतिथि इसरो के प्रसिद्ध रॉकेट वैज्ञानिक पद्मभूषण नंबी नारायणन होंगे। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय नंबी नारायणन को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि से विभूषित करेगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अभिजित मिश्र ने बताया कि कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में नंबी नारायणन को आमंत्रित किए जाने और उन्हें डीएससी की मानद उपाधि से विभूषित किए जाने की स्वीकृति दे दी है। नारायणन ने भी दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने की स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद दीक्षांत समारोह की तैयारियों में तेजी आ गई है। शुक्रवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बैठक कर समारोह की तैयारियों की समीक्षा की।
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2022 में बन चुकी है फिल्म
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नंबी नारायणन का जन्म 1941 में तमिलनाडु के नागरकोइल में हुआ था। उन्होंने त्यागराजार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मदुरै से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की उपाधि प्राप्त की। 1966 में इसरो के थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन से अपना कॅरिअर शुरू किया। 1969 में वह प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका गए, जहां उन्होंने रासायनिक तरल प्रणोदन (केमिकल लिक्विड प्रोपल्शन) में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की। वहां से लौटकर इसरो में उन्होंने भारतीय रॉकेटों के लिए पहली बार लिक्विड प्रोपेलेंट मोटर विकसित किए, जो अब तक इसरो के पास नहीं थे। नंबी नारायणन को भारत में तरल प्रणोदन प्रौद्योगिकी की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है। नारायणन और उनकी टीम ने ''''विकास'''' नामक इंजन तैयार किया, जिसे भारत के अति महत्वपूर्ण रॉकेट पीएसएलवी और जीएसएलवी में प्रयोग किया गया। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2019 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 2022 में उनके जीवन पर ''''रॉकेटरी: द नंबी इफेक्ट'''' नामक फिल्म भी बनी।
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