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Gorakhpur News: मुड़े हुए घुटने के इलाज में रोबोटिक तकनीक से बढ़ेगी सटीकता
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (यूपीओए) की मध्यावधि संगोष्ठी का आयोजन उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में सैफई ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के तत्वावधान में हुआ। इसमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रो. डॉ. अमित मिश्रा ने “विकृत एवं अंदर की ओर मुड़े घुटने में रोबोटिक तकनीक द्वारा पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया।
उन्होंने बताया कि वेरस विकृति वाले मरीजों में घुटना प्रत्यारोपण चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें हड्डी की विकृति को ठीक करने, पैर की धुरी को सामान्य करने, स्नायुबंधन का संतुलन बनाए रखने और कृत्रिम जोड़ के घटकों को सही स्थिति में स्थापित करने की आवश्यकता होती है। इसमें प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण की तकनीकों पर विचार साझा किए।
प्रो. मिश्रा ने बताया कि रोबोटिक सहायता प्राप्त घुटना प्रत्यारोपण से ऑपरेशन से पहले मरीज की शारीरिक संरचना का विस्तृत आकलन कर उपचार की योजना बनाने में मदद मिलती है। ऑपरेशन के दौरान हड्डी की कटाई, पैर की धुरी के संतुलन और कृत्रिम जोड़ के उचित स्थान निर्धारण में भी तकनीक सहायक होती है।
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उन्होंने जटिल घुटना प्रत्यारोपण के वास्तविक मामलों का प्रस्तुतीकरण करते हुए स्पष्ट किया कि रोबोटिक तकनीक सर्जन के अनुभव और निर्णय का विकल्प नहीं, बल्कि उन्नत तकनीकी सहायता है। विशेषज्ञों ने व्याख्यान में विशेष रुचि दिखाई।
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उन्होंने बताया कि वेरस विकृति वाले मरीजों में घुटना प्रत्यारोपण चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें हड्डी की विकृति को ठीक करने, पैर की धुरी को सामान्य करने, स्नायुबंधन का संतुलन बनाए रखने और कृत्रिम जोड़ के घटकों को सही स्थिति में स्थापित करने की आवश्यकता होती है। इसमें प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण की तकनीकों पर विचार साझा किए।
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प्रो. मिश्रा ने बताया कि रोबोटिक सहायता प्राप्त घुटना प्रत्यारोपण से ऑपरेशन से पहले मरीज की शारीरिक संरचना का विस्तृत आकलन कर उपचार की योजना बनाने में मदद मिलती है। ऑपरेशन के दौरान हड्डी की कटाई, पैर की धुरी के संतुलन और कृत्रिम जोड़ के उचित स्थान निर्धारण में भी तकनीक सहायक होती है।
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उन्होंने जटिल घुटना प्रत्यारोपण के वास्तविक मामलों का प्रस्तुतीकरण करते हुए स्पष्ट किया कि रोबोटिक तकनीक सर्जन के अनुभव और निर्णय का विकल्प नहीं, बल्कि उन्नत तकनीकी सहायता है। विशेषज्ञों ने व्याख्यान में विशेष रुचि दिखाई।