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यूपी: निजीकरण के विरोध में रोडवेज अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
Wed, 25 Nov 2020 08:55 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 25 Nov 2020 08:55 PM IST
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प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर में परिवहन निगम के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले रोडवेज के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बुधवार को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इसके अलावा अपनी मांगों से संबंधित सात सूत्रीय मांग प्रेषित करते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आगे वह अपने आंदोलन को तीव्र करेंगे।
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धरने की अध्यक्षता करते हुए संघर्ष मोर्चा के जय प्रकाश दुबे ने कहा कि राष्ट्रीयकृत मार्गों का निजीकरण बंद होना चाहिए। निगम और प्राइवेट वाहनों में यात्रीकर एक करने के साथ ही संविदा कर्मचारियों का वेतन कोविड-19 के कारण आय आधारित होने पर प्रोत्साहन की कटौती रोकने पर निर्णय जरूरी है।
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धरने के दौरान 31 दिसंबर, 2001 के पूर्व संविदा के चालकों व परिचालकों को नियमित करने और रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग उठी। कर्मचारियों ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, आउटसोर्सिंग कार्मिकों को न्यूनतसभा का संचालन राम ललित ने किया।
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मजदूरी देने और बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान करने की मांग रखी। परिवहन निगम को राजकीय रोडवेज घोषित करने का आह्वान किया गया। सभा का संचालन राम ललित ने किया। धरना में गोरखपुर, राप्तीनगर, पड़रौना, सोनौली, सिद्धार्थनगर, बस्ती, महराजगंज, देवरिया डिपो के कर्मचारियों ने भाग लिया।
धरने में रमेश तिवारी, कृष्णचंद्र श्रीवास्तव, अशोक कुमार सिंह, महेश कुमार राय, राजेंद्र प्रसाद नायक, नूरुल हसन, दुर्गा प्रसाद यादव, सिद्धनाथ सिंह, संजय सिंह, सुधीर श्रीवास्तव, मनन सिंह, हरि प्रसाद, विनोद तिवारी, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, चंद्रकला शुक्ला, संजय उपाध्याय, प्रदीप कुमार सिंह, हरिओम त्रिपाठी, संतोष, मनोज कुमार, अजय कुमार, कैलाश प्रसाद, रमाशंकर पांडेय, अच्छेलाल, मनीष श्रीवास्तव, रामकिशुन, अरुण कुमार, ज्ञानेंद्र, बुद्धि सागर, ओम प्रकाश, अनिरूद्ध सहित बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मी शामिल रहे।