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बारिश बिना भी मुसीबत: नेपाल के पानी से फिर उफनाई नदियां, बाढ़ का बढ़ा खतरा
Thu, 06 Jul 2023 04:23 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर/ गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर/ गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 06 Jul 2023 04:23 PM IST
सार
गोरखपुर जिले में भी राप्ती, रोहिन समेत अन्य नदियों में पानी में चढ़ाव दर्ज किया गया है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में राप्ती का पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। लखनऊ हाईवे पर राप्ती नदी के बोक्टा-बरवार बंधे पर कटान तेज हो गई है।
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सिद्धार्थनगर में कटान करती नदी
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। नेपाल में बीते कुछ दिनों से हुई जबरदस्त बारिश से नदियां उफनाई थीं। अब फिर बारिश शुरू हो गई है। इस वजह से नेपाल ने 1.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया है।
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इससे गोरखपुर-बस्ती मंडल से होकर बहने वाली नदियों का जलस्तर फिर से तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। पानी के तेज बहाव के कारण कटान भी तेज हो गई है। सिद्धार्थनगर में बूढ़ी राप्ती और गोरखपुर में राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
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नेपाल की ओर से पानी छोड़े जाने के बाद सिद्धार्थनगर में बुधवार सुबह मुंहचोरवा घाट पर नदी खतरे के निशान को पार कर गई। राप्ती समेत अन्य नदियों की कटान तेज हो गई है। इस वजह से नदी के किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन बाढ़ को लेकर सतर्क है और अधिकारी लगातार बाढ़ की आशंका वाले जिलों का दौरा करके स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
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गोरखपुर जिले में भी राप्ती, रोहिन समेत अन्य नदियों में पानी में चढ़ाव दर्ज किया गया है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में राप्ती का पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। लखनऊ हाईवे पर राप्ती नदी के बोक्टा-बरवार बंधे पर कटान तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि बंधों की सुरक्षा के साथ बाढ़ बचाव और राहत के कार्य को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है।
बीते तीन दिन से नेपाल में बारिश थम गई थी। गोरखपुर-बस्ती मंडल में भी कम बारिश की वजह से नदियां या तो स्थिर थीं या उनका जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था। नेपाल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पहाड़ों पर बारिश दो दिन से कम हुई है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में 20-30 मिलीमीटर अधिक बारिश इस बीच दर्ज की गई। ऐसे में बाढ़ के हालात उत्पन्न न होने पाए, इसे देखते हुए नेपाल ने नदियों में पानी छोड़ दिया।
बीते तीन दिन से नेपाल में बारिश थम गई थी। गोरखपुर-बस्ती मंडल में भी कम बारिश की वजह से नदियां या तो स्थिर थीं या उनका जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था। नेपाल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पहाड़ों पर बारिश दो दिन से कम हुई है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में 20-30 मिलीमीटर अधिक बारिश इस बीच दर्ज की गई। ऐसे में बाढ़ के हालात उत्पन्न न होने पाए, इसे देखते हुए नेपाल ने नदियों में पानी छोड़ दिया।