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Gorakhpur News: डीडीयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर से 8.32 लाख की ठगी, लखनऊ के दंपती पर केस
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कम जमीन बेचकर अधिक रुपये वसूले, कोर्ट के आदेश पर खोराबार पुलिस ने की कार्रवाई
लखनऊ निवासी आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रति कुलपति प्रो. श्रीकांत दीक्षित से 8,32,500 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनऊ निवासी आरोपी दंपती ने कम जमीन बेचकर अधिक रकम वसूल ली।
यह भी आरोप है कि जालसाजी की जानकारी होने पर प्रोफेसर ने खोराबार पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोपियों के प्रभाव में आकर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट में अपील की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के आदेश पर खोराबार पुलिस, लखनऊ के राजपूत लेन मूनसिटी बीबीडी निवासी शुभनारायण सिंह और उसकी पत्नी प्रभा सिंह के खिलाफ अमानत में खयानत और जालसाजी, कूट रचना सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करके कार्रवाई में जुटी है।
सेवानिवृत्त प्रो. श्रीकांत दीक्षित रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के तारामंडल, सिद्धार्थनगर कॉलोनी में रहते हैं। उनकी जान-पहचान प्रभा सिंह और उनके पति शुभनारायण सिंह से थी। प्रोफेसर ने जमीन खरीदने की बात की तो दोनों राजी हो गए। नौ जून 2017 को प्रोफेसर की पत्नी पार्वती देवी के नाम से मौजा डोमनी में स्थित जमीन का बैनामा हुआ।
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आरोपियों ने 32.75 डिसमिल जमीन के रुपये लेकर महज 15 डिसमिल की रजिस्ट्री कराई। प्रोफेसर जब जमीन पर कब्जा करने पहुंचे तो उनको फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। पता चला कि बैनामा में वास्तविक मूल्य से 8,32,500 रुपये अधिक ले लिए गए। प्रोफेसर को जमीन बेचने के पूर्व दंपती ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर काश्तकार अरविंद पुत्र रामसुंदर की 15 डिसमिल के बजाय उसके पूरे हिस्से को अपने नाम लिखवा लिया था।
उस बैनामे में प्रभा सिंह और उसके पति शुभ नारायण सिंह ने असल नाम-पते की जगह पूर्वी आजादनगर का पता दर्ज कराया। असलियत सामने आने पर प्रोफेसर ने बैनामा खारिज कराकर रुपये लौटाने को कहा तो दंपती धमकाने लगे। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करके पुलिस जांच में जुट गई है।
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लखनऊ निवासी आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रति कुलपति प्रो. श्रीकांत दीक्षित से 8,32,500 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनऊ निवासी आरोपी दंपती ने कम जमीन बेचकर अधिक रकम वसूल ली।
यह भी आरोप है कि जालसाजी की जानकारी होने पर प्रोफेसर ने खोराबार पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोपियों के प्रभाव में आकर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट में अपील की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के आदेश पर खोराबार पुलिस, लखनऊ के राजपूत लेन मूनसिटी बीबीडी निवासी शुभनारायण सिंह और उसकी पत्नी प्रभा सिंह के खिलाफ अमानत में खयानत और जालसाजी, कूट रचना सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करके कार्रवाई में जुटी है।
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सेवानिवृत्त प्रो. श्रीकांत दीक्षित रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के तारामंडल, सिद्धार्थनगर कॉलोनी में रहते हैं। उनकी जान-पहचान प्रभा सिंह और उनके पति शुभनारायण सिंह से थी। प्रोफेसर ने जमीन खरीदने की बात की तो दोनों राजी हो गए। नौ जून 2017 को प्रोफेसर की पत्नी पार्वती देवी के नाम से मौजा डोमनी में स्थित जमीन का बैनामा हुआ।
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आरोपियों ने 32.75 डिसमिल जमीन के रुपये लेकर महज 15 डिसमिल की रजिस्ट्री कराई। प्रोफेसर जब जमीन पर कब्जा करने पहुंचे तो उनको फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। पता चला कि बैनामा में वास्तविक मूल्य से 8,32,500 रुपये अधिक ले लिए गए। प्रोफेसर को जमीन बेचने के पूर्व दंपती ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर काश्तकार अरविंद पुत्र रामसुंदर की 15 डिसमिल के बजाय उसके पूरे हिस्से को अपने नाम लिखवा लिया था।
उस बैनामे में प्रभा सिंह और उसके पति शुभ नारायण सिंह ने असल नाम-पते की जगह पूर्वी आजादनगर का पता दर्ज कराया। असलियत सामने आने पर प्रोफेसर ने बैनामा खारिज कराकर रुपये लौटाने को कहा तो दंपती धमकाने लगे। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करके पुलिस जांच में जुट गई है।