{"_id":"664e7a3dcf515b0c13052e46","slug":"retail-healthcare-and-tourism-will-be-studied-in-ddu-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-565867-2024-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: डीडीयू में होगी रिटेल, हेल्थकेयर और टूरिज्म की पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: डीडीयू में होगी रिटेल, हेल्थकेयर और टूरिज्म की पढ़ाई
Thu, 23 May 2024 04:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 23 May 2024 04:35 AM IST
विज्ञापन
संबद्ध छह कॉलेजों में होगी बीबीए और टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी की पढ़ाई
- विद्या परिषद और कार्यपरिषद से स्वीकृति के बाद शुरू होंगे आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर में उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन इसके लिए यहां पर कुशल कर्मचारियों की कमी है। शासन की मंशा है कि अब विश्वविद्यालय और कॉलेजों में उद्योग की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं, ताकि उनको आसानी से कर्मचारी मिल सकें। इसको देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध छह कॉलेजों में बीबीए रिटेल, लॉजिस्टिक, हेल्थ केयर और बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। 24 मई को होने वाली विद्या परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा।
शासन के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों संग बैठक की। इसमें कुछ कॉलेजों ने इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने में रुचि दिखाई। सभी कोर्स सेल्फ फाइनेंस मोड में सत्र 2024-25 से ही चलेंगे। विद्या परिषद और कार्य परिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इनके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इन कॉलेजों में चलेंगे कोर्स
चंद्रकांति रमावती देवी आर्य महिला पीजी कॉलेज, गोरखपुर- बीबीए रिटेल
महात्मा गांधी पीजी कॉलेज, गोरखपुर- बीबीए हेल्थ केयर
सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज, गोरखपुर- बीबीए लॉजिस्टिक्स
महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़- बीबीए रिटेल
संत विनोबा पीजी कॉलेज, देवरिया- बीबीए रिटेल
बापू पीजी कॉलेज, पीपीगंज- बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी
कॉलेज में ही होगा आवेदन
जल्द शुरू होने वाले इन पाठ्यक्रमों की खास बात यह है कि ये अभी विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध नहीं हैं। इनमें प्रवेश के लिए आवेदन कॉलेज के स्तर से ही होगा। इससे कॉलेजों की भी आय बढ़ेगी और उनकी स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को भी ऐसे पाठ्यक्रमों के लिए बाहर का रास्ता देखना पड़ता था, लेकिन अब उनके शहर में ही यह सुविधा मिल जाएगी। साथ ही उनको शहर में ही रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
विज्ञापन
वर्जन
विश्वविद्यालय के साथ-साथ अब कॉलेजों में भी प्रोफेशनल कोर्स चलाए जाएंगे। इससे हमारे कॉलेज भी मजबूत होंगे और विद्यार्थियों को भी फायदा पहुंचेगा। इस समय इन पाठ्यक्रमों की मांग बहुत ज्यादा है। विद्या परिषद और कार्य परिषद से स्वीकृति के बाद इनके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
विज्ञापन
- विद्या परिषद और कार्यपरिषद से स्वीकृति के बाद शुरू होंगे आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर में उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन इसके लिए यहां पर कुशल कर्मचारियों की कमी है। शासन की मंशा है कि अब विश्वविद्यालय और कॉलेजों में उद्योग की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं, ताकि उनको आसानी से कर्मचारी मिल सकें। इसको देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध छह कॉलेजों में बीबीए रिटेल, लॉजिस्टिक, हेल्थ केयर और बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। 24 मई को होने वाली विद्या परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा।
शासन के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों संग बैठक की। इसमें कुछ कॉलेजों ने इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने में रुचि दिखाई। सभी कोर्स सेल्फ फाइनेंस मोड में सत्र 2024-25 से ही चलेंगे। विद्या परिषद और कार्य परिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इनके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
इन कॉलेजों में चलेंगे कोर्स
चंद्रकांति रमावती देवी आर्य महिला पीजी कॉलेज, गोरखपुर- बीबीए रिटेल
महात्मा गांधी पीजी कॉलेज, गोरखपुर- बीबीए हेल्थ केयर
सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज, गोरखपुर- बीबीए लॉजिस्टिक्स
महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़- बीबीए रिटेल
संत विनोबा पीजी कॉलेज, देवरिया- बीबीए रिटेल
बापू पीजी कॉलेज, पीपीगंज- बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी
कॉलेज में ही होगा आवेदन
जल्द शुरू होने वाले इन पाठ्यक्रमों की खास बात यह है कि ये अभी विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध नहीं हैं। इनमें प्रवेश के लिए आवेदन कॉलेज के स्तर से ही होगा। इससे कॉलेजों की भी आय बढ़ेगी और उनकी स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को भी ऐसे पाठ्यक्रमों के लिए बाहर का रास्ता देखना पड़ता था, लेकिन अब उनके शहर में ही यह सुविधा मिल जाएगी। साथ ही उनको शहर में ही रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
विज्ञापन
वर्जन
विश्वविद्यालय के साथ-साथ अब कॉलेजों में भी प्रोफेशनल कोर्स चलाए जाएंगे। इससे हमारे कॉलेज भी मजबूत होंगे और विद्यार्थियों को भी फायदा पहुंचेगा। इस समय इन पाठ्यक्रमों की मांग बहुत ज्यादा है। विद्या परिषद और कार्य परिषद से स्वीकृति के बाद इनके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति