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Gorakhpur: गीडा में 200 एकड़ में बनेंगे आवासीय और व्यावसायिक प्लाट, कालेसर में खरीदी 120 एकड़ जमीन
Wed, 07 Jun 2023 02:07 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 07 Jun 2023 02:07 PM IST
सार
आईएसबीटी के लिए गीडा ने एक कंसलटेंट कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो आने वाले समय में बदलाव के अनुसार डिजाइन बनाने में जुटी हुई है। गीडा प्रशासन का मानना है कि टर्मिनल के बनने से शहर का विस्तार और तेज होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में 200 एकड़ में आवासीय और व्यावसायिक प्लाट बनाए जाएंगे। इसके लिए 120 एकड़ जमीन की तलाश पूरी हो गई है। गीडा प्रशासन ने कालेसर के पास 120 एकड़ जमीन खरीद ली है। 80 एकड़ जमीन खरीदने के लिए बात चल रही है। इसके साथ ही 11 एकड़ जमीन में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) भी बनाया जाएगा।
शहर का विस्तार गीडा तक हो चुका है। गीडा को शहर का मुख्य एंट्री प्वाइंट माना जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए गीडा प्रशासन ने कालेसर के पास 200 एकड़ में आवासीय और व्यावसायिक प्लाट बनाने का फैसला लिया है। गीडा बोर्ड की बैठक में आवासीय और व्यावसायिक प्लाट के निर्माण के लिए पूर्व ही मंजूरी मिल चुकी है। अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर गोड़धोइया नाला: 800 परिवारों को जल्द मिलेगा मुआवजा, 989 करोड़ रुपये की दी स्वीकृति
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टर्मिनल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चलाया जाएगा। आईएसबीटी के लिए गीडा ने एक कंसलटेंट कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो आने वाले समय में बदलाव के अनुसार डिजाइन बनाने में जुटी हुई है। गीडा प्रशासन का मानना है कि टर्मिनल के बनने से शहर का विस्तार और तेज होगा। कालेसर से ही लखनऊ, वाराणसी सहित अन्य जिलों की यात्रा के लिए लोगों को बसें मिल जाएंगी।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि आवासीय और व्यावसायिक प्लाट के लिए 120 एकड़ जमीन गीडा प्रशासन ने खरीद ली है। 80 एकड़ जमीन के लिए वार्ता चल रही है। जल्द ही इसकी भी खरीद हो जाएगी। इसी प्लाट के पास 11 एकड़ जमीन में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाया जाएगा। इसके सर्वे का काम एक कंपनी को दिया गया है। जल्द ही इसकी भी रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा।
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शहर का विस्तार गीडा तक हो चुका है। गीडा को शहर का मुख्य एंट्री प्वाइंट माना जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए गीडा प्रशासन ने कालेसर के पास 200 एकड़ में आवासीय और व्यावसायिक प्लाट बनाने का फैसला लिया है। गीडा बोर्ड की बैठक में आवासीय और व्यावसायिक प्लाट के निर्माण के लिए पूर्व ही मंजूरी मिल चुकी है। अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है।
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टर्मिनल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चलाया जाएगा। आईएसबीटी के लिए गीडा ने एक कंसलटेंट कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो आने वाले समय में बदलाव के अनुसार डिजाइन बनाने में जुटी हुई है। गीडा प्रशासन का मानना है कि टर्मिनल के बनने से शहर का विस्तार और तेज होगा। कालेसर से ही लखनऊ, वाराणसी सहित अन्य जिलों की यात्रा के लिए लोगों को बसें मिल जाएंगी।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि आवासीय और व्यावसायिक प्लाट के लिए 120 एकड़ जमीन गीडा प्रशासन ने खरीद ली है। 80 एकड़ जमीन के लिए वार्ता चल रही है। जल्द ही इसकी भी खरीद हो जाएगी। इसी प्लाट के पास 11 एकड़ जमीन में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाया जाएगा। इसके सर्वे का काम एक कंपनी को दिया गया है। जल्द ही इसकी भी रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा।