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रिसर्च स्कॉलर्स को समझना होगा रोल और रूल : प्रो. विपिन
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- अंग्रेजी विभाग में साहित्यिक चोरी की रोकथाम पर आयोजित हुआ विशेष व्याख्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में शुक्रवार को शोध छात्रों के लिए ‘साहित्यिक चोरी की रोकथाम एवं अकादमिक शुचिता’ पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
बतौर मुख्य वक्ता सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार, गया के मानविकी संकाय अधिष्ठाता तथा अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विपिन सिंह ने कहा कि प्रत्येक शोधार्थी को शोधार्थी के रूप में अपनी भूमिका तथा शोध के नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्हें रिसर्च स्कॉलर्स का रोल के साथ रूल को भी समझना होगा। इसी से साहित्यिक चोरी को रोकने के साथ-साथ अकादमिक शुचिता को बरकरार रखा जा सकता है।
विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइन के आधार पर अब सभी को प्लैग्रिज्म के नियमों को समझना होगा तथा विभिन्न सॉफ्टवेयर के प्रयोग करने में सतर्कता बरतनी होगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आमोद राय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजीव कुमार विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान विभाग के सभी शिक्षक तथा शोधार्थी उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में शुक्रवार को शोध छात्रों के लिए ‘साहित्यिक चोरी की रोकथाम एवं अकादमिक शुचिता’ पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
बतौर मुख्य वक्ता सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार, गया के मानविकी संकाय अधिष्ठाता तथा अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विपिन सिंह ने कहा कि प्रत्येक शोधार्थी को शोधार्थी के रूप में अपनी भूमिका तथा शोध के नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्हें रिसर्च स्कॉलर्स का रोल के साथ रूल को भी समझना होगा। इसी से साहित्यिक चोरी को रोकने के साथ-साथ अकादमिक शुचिता को बरकरार रखा जा सकता है।
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विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइन के आधार पर अब सभी को प्लैग्रिज्म के नियमों को समझना होगा तथा विभिन्न सॉफ्टवेयर के प्रयोग करने में सतर्कता बरतनी होगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आमोद राय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजीव कुमार विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान विभाग के सभी शिक्षक तथा शोधार्थी उपस्थित रहे।
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