{"_id":"5fbc8f324c560f30631f0dc5","slug":"reopen-gorakhpur-air-akashvani-radio","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से फिर गूंजेगा 'ये आकाशवाणी का गोरखपुर केंद्र है...'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से फिर गूंजेगा 'ये आकाशवाणी का गोरखपुर केंद्र है...'
Tue, 24 Nov 2020 10:12 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 24 Nov 2020 10:12 AM IST
सार
- जनप्रतिनिधियों की मेहनत रंग लाई, देर रात मोबाइल ट्रांसमीटर चालू करने को हरी झंडी
- 21 नवंबर को सुबह 11 बजे महानिदेशालय के निर्देश पर बंद कर दिया था ट्रांसमीटर
विज्ञापन
गोरखपुर आकाशवाणी। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आकाशवाणी के मीडियम वेव ट्रांसमीटर के बंद होने से दुखी शहरवासियों के लिए बड़ी खबर है। ट्रांसमीटर मंगलवार सुबह से फिर से शुरू हो जाएगा। जनप्रतिनिधियों की मेहनत की बदौलत लोग अब फिर से रेडियो सेट पर सुन सकेंगे कि 303.03 मीटर यानी 909 किलो हर्ट्ज पर ये आकाशवाणी का गोरखपुर केंद्र है।
विज्ञापन
10 किलोवाट के मोबाइल ट्रांसमीटर से प्रसारण शुरू करने की महानिदेशालय की हरी झंडी देर रात स्थानीय अधिकारियों को मिल गई। महानिदेशालय के निर्देश पर ही 21 नवंबर को सुबह 11 बजे ट्रांसमीटर को बंद कर दिया गया था। हालांकि, इस दौरान भी प्रसार भारती के एप से कार्यक्रमों का प्रसारण जारी था।
विज्ञापन
आकाशवाणी गोरखपुर केंद्र से प्रसारण शुरू करने के लिए सोमवार को जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडे़कर और उनके सचिव सुनील शुक्ल के अलावा प्रसार भारती के सीईओ से बात की थी।
विज्ञापन
वहीं, सांसद रवि किशन ने प्रकाश जावडे़कर से नई दिल्ली में मुलाकात कर ट्रांसमीटर शुरू करने का निवेदन किया था। इसके अलावा सपा नेता काली शंकर ने इस बाबत महानिदेशक को पत्र लिखा था, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया था।
देर रात जनप्रतिनिधियों की मेहनत रंग लाई और रात में ही ट्रांसमीटर को फिर से शुरू करने का मौखिक निर्देश निदेशालय से मिल गया। जिस मोबाइल ट्रांसमीटर को फिर से शुरू करने का निर्देश आया है, उसे मूल ट्रांसमीटर के जर्जर होने के बाद जून 2018 में महानिदेशालय द्वारा गोरखपुर भेजा गया था। तब से 21 नवंबर 2020 तक उसी से प्रसारण किया जा रहा था।