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गोरखपुर: मृतक के परिजन बिजली निगम से क्षतिपूर्ति पाने के हकदार, लोक अदालत ने सुनाया फैसला
Sat, 15 Jan 2022 10:38 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 15 Jan 2022 10:38 AM IST
सार
स्थायी लोक अदालत ने उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के विरुद्ध दिया फैसला, पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति छह प्रतिशत ब्याज की दर से देनी होगी
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कोर्ट।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन गिरजेश कुमार पांडेय एवं सदस्य अनीता अग्रवाल ने करंट की चपेट में आने से हुई मौत के एक मामले में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के विरुद्ध निर्णय दिया है। आदेश है कि परिवादी कुमारी पूनम व सुधीर कुमार को निगम पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति, छह प्रतिशत ब्याज की दर से प्रदान करे। दो माह के अंदर आदेश का अनुपालन न करने पर सात प्रतिशत ब्याज देय होगा।
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स्थायी लोक अदालत के समक्ष चिलुआताल थाना क्षेत्र के हमीरपुर लल्लन टोला निवासी कुमारी पूनम व सुधीर कुमार ने परिवाद दाखिल किया था। परिवादीगण का कहना था कि उनकी मां भोना देवी रेल विहार कालोनी के आस-पास के घरों में चौका बर्तन का काम करके अपना तथा परिवार का भरण पोषण करती थीं।
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बीते 12 अगस्त 2013 को रात नौ बजे चौका-बर्तन का काम करके घर आ रही थीं। रास्ते में रिलायंस एकेडमी के पास बिजली का तार जमीन पर गिरा था, जिसकी चपेट में आने से भोना देवी झुलस गईं। शोर सुनकर आसपास के लोग घरों से निकले और उपचार के लिए उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
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स्थायी लोक अदालत ने इसके लिए हादसे के लिए निगम को जिम्मेदार मानते हुए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। आदेश का पालन तय सीमा के अंदर नहीं होने पर ब्याज दर सात प्रतिशत हो जाएगी।