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कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों में रेट तय, इन्हें नहीं देना होगा एक भी रुपये
Tue, 02 Jun 2020 10:45 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 02 Jun 2020 10:45 AM IST
सार
- आयुष्मान योजना के लाभार्थी को नहीं देनी होगी कोई रकम
- इनका सारा खर्च सरकार करेगी भुगतान
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कोरोना वायरस।
- फोटो : PTI
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विस्तार
आयुष्मान योजना के लाभार्थी अगर कोरोना से पीड़ित होते हैं, तो निजी अस्पतालों में उनके इलाज के लिए सरकार ने रेट तय कर दिया है।
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सरकार निजी अस्पताल को जनरल वार्ड (आइसोलेशन) में भर्ती संक्रमित लाभार्थी के उपचार के लिए प्रतिदिन 1800 रुपये, हाईडिपेंडेंसी यूनिट (आइसोलेशन) में भर्ती संक्रमित लाभार्थी के लिए प्रतिदिन 2700 रुपये, आईसीयू (वेंटीलेटर रहित) में भर्ती लाभार्थी के लिए प्रतिदिन 3600 रुपये एवं आईसीयू (वेंटीलेटर सहित) में भर्ती संक्रमित लाभार्थी के लिए प्रतिदिन 4500 रुपये के हिसाब से भुगतान करेगी।
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सीएमओ ने क्या कहा
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने सोमवार को बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह ने प्रदेश के सभी सीएमओ को पत्र भेजा है। इसमें निर्धारित दर से प्रतिदिन के हिसाब से संबंधित केंद्र पर ही भुगतान करने की बात कही गई है।
बताया कि आयुष्मान योजना के लाभार्थी अगर कोरोना संक्रमित मिलते हैं, तो उनका इलाज योजना में चयनित अस्पतालों में किया जाएगा। बताया कि जिले के कुछ चिकित्सालयों को कोविड-19 के इलाज के लिए चिह्नित किया गया है।
उन्होंने बताया कि यदि योजना अंतर्गत चिह्नित लाभार्थी का गोल्डन कार्ड नहीं बना है तो आरोग्य मित्र के माध्यम से संबंधित महिला/पुरुष का गोल्डन कार्ड बनवाकर का उपचार कराया जाएगा। संक्रमण की आशंका के मद्देनजर वर्तमान समय में बायोमेट्रिक की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। इलाज के लिए योजना के लाभार्थी को अपने तरफ से किसी रकम का भुगतान नहीं करना होगा।
बताया कि आयुष्मान योजना के लाभार्थी अगर कोरोना संक्रमित मिलते हैं, तो उनका इलाज योजना में चयनित अस्पतालों में किया जाएगा। बताया कि जिले के कुछ चिकित्सालयों को कोविड-19 के इलाज के लिए चिह्नित किया गया है।
उन्होंने बताया कि यदि योजना अंतर्गत चिह्नित लाभार्थी का गोल्डन कार्ड नहीं बना है तो आरोग्य मित्र के माध्यम से संबंधित महिला/पुरुष का गोल्डन कार्ड बनवाकर का उपचार कराया जाएगा। संक्रमण की आशंका के मद्देनजर वर्तमान समय में बायोमेट्रिक की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। इलाज के लिए योजना के लाभार्थी को अपने तरफ से किसी रकम का भुगतान नहीं करना होगा।