Gorakhpur: गगहा इलाके में तीन हत्या के अभियुक्त युवराज पर रासुका, 20 दिन के भीतर हुई थीं तीनों हत्याएं
वर्ष 2013 में 10 रुपये की रस्सी के विवाद में सन्नी सिंह ने अपने भाई टिक्का सिंह के साथ मिलकर किराना व्यापारी सहित परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी। गोली पांच लोगों को लगी थी। दोनों भाइयों व अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया था।
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गोरखपुर जिले के गगहा इलाके में मार्च 2021 में 20 दिन के भीतर तीन हत्याओं के आरोपी राज उर्फ युवराज सिंह पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने सोमवार रात इसकी संस्तुति कर दी। एक आरोपी सन्नी सिंह पर आठ मई 2022 को रासुका लगाया जा चुका है। दोनों आरोपी वर्तमान में जेल में हैं।
अभियुक्त राज उर्फ युवराज सिंह गगहा के ठठौली मंगल बाजार गांव का मूल निवासी है। जानकारी के मुताबिक, 2013 में हुए एक व्यापारी परिवार के तीन लोगों की हत्या की पैरवी करने पर 10 मार्च 2021 को रितेश मौर्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्याकांड की पुलिस जांच कर ही रही थी कि 20 दिन बाद ही 31 मार्च को व्यापारी शंभू मौर्या व उनके कर्मचारी संजय पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में सन्नी सिंह, युवराज सिंह सहित अन्य आरोपियों को जेल भेजा और बाद में गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस की रिपोर्ट पर सन्नी सिंह पर रासुका लगाया गया था। इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और युवराज सिंह पर रासुका लगाने की रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट पर डीएम ने रासुका की संस्तुति कर दी।
2013 में 10 रुपये की रस्सी के लिए हुआ था तिहरा हत्याकांड
वर्ष 2013 में 10 रुपये की रस्सी के विवाद में सन्नी सिंह ने अपने भाई टिक्का सिंह के साथ मिलकर किराना व्यापारी सहित परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी। गोली पांच लोगों को लगी थी। दोनों भाइयों व अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया था।
पैरवी करने पर की गई फिर तीन हत्याएं
तिहरा हत्याकांड में जेल में बंद होने के छह साल बाद जब दोनों भाई जमानत पर बाहर आए तो उन्होंने केस की पैरवी कर रहे वादी पर समझौते के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था। सन्नी के आतंक से डरकर व्यापारी पुत्र ने समझौते के प्रयास तक भी पहुंच गया था, लेकिन इस बीच गगहा से जिला पंचायत सदस्य चुनाव की तैयारी कर रहे रितेश मौर्या को इसकी जानकारी हुई।
रितेश ने व्यापारी को भरोसा दिया और तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के पास उसे लेकर गए थे। पुलिस की तरफ से सुरक्षा का भरोसा दिया गया। इसी बात से नाराज होकर भाइयों ने साथियों के साथ रितेश मौर्या की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रितेश मौर्या की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे व्यापारी शंभू मौर्या की दुकान में घुसकर सन्नी और उसके साथियों ने गोली मार दी थी। इस दौरान शंभू के कर्मचारी की भी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजवाया था।
युवराज पर दर्ज हैं आठ मुकदमे
आरोपी युवराज पर छेड़खानी व पॉक्सो सहित कुछ आठ मुकदमे गगहा थाने में दर्ज हैं। सबसे पहला मुकदमा 2018 में उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या, फिर छेड़खानी, पॉक्सो, बलवा मारपीट, हत्या, आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश सहित कई धाराओं में केस दर्ज हैं।
यह होता है रासुका
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका), एक ऐसा कानून है जिसके तहत किसी खास खतरे के चलते व्यक्ति को पकड़ा जा सकता है। अगर प्रशासन को लगता है कि किसी शख्स की वजह से देश की सुरक्षा और सद्भाव को खतरा हो सकता है, तो ऐसा होने से पहले ही उस शख्स पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाती है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गगहा में मार्च 2021 में दोहरा हत्याकांड और उसके पहले रितेश मौर्या की हत्या हुई थी। रितेश 2013 में हुई हत्या के पैरवीकार थे, इस वजह से आरोपियों ने घटना की थी। सभी आरोपियों को कोर्ट के जरिये जेल भेजवाने के साथ ही गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। चार्जशीट भी दाखिल है। एक आरोपी पर पहले रासुका की कार्रवाई हुई थी, अब उसके साथी पर रासुका के तहत डीएम ने पुलिस की रिपोर्ट पर कार्रवाई की है। कोर्ट से सजा दिलाने के लिए पुलिस प्रभावी पैरवी कर रही है।