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रामगढ़ ताल में पलटा शिकारा, डूब रहे पांच बच्चों समेत नौ को बचाया

Mon, 25 Jan 2021 02:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jan 2021 02:02 AM IST
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Ramgadh tal accident
रामगढ़ ताल में पलटा शिकारा, डूब रहे पांच बच्चों समेत नौ को बचाया
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गोरखपुर। रामगढ़ ताल में रविवार को स्पीड बोट और शिकारा के बीच टक्कर हो गई। हादसे में शिकारा पलट जाने से उस पर बैठे पांच बच्चों समेत नौ लोग डूबने लगे। इन सभी को स्पीड बोट संचालित कर रही संस्था के सदस्यों ने जैसे-तैसे सुरक्षित निकाल लिया।
बताया जा रहा है कि शिकारा का ट्रायल किया जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। किसी को लाइफ सपोर्ट जैकेट भी नहीं पहनाया गया था। संचालक का अभी तक जीडीए से अनुबंध भी नहीं हुआ है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बीते दिनों जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर रामगढ़ ताल में शिकारा के संचालन की बात कही थी। संचालन की जिम्मेदारी गोरखपुर विकास प्राधिकरण को मिली है। वहीं, पर्यटन विभाग की ओर से निषाद नौकायन विकास समिति स्पीड बोट संचालित कर रही है। शिकारा संचालन का ठेका राजकुमार साहनी ने हासिल किया है। अभी उनका जीडीए से अनुबंध नहीं हुआ है। रविवार को संचालकों ने ट्रॉयल में ही पांच बच्चों समेत नौ लोगों को शिकारा पर बैठा लिया।
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इसी दौरान अचानक एक स्पीड बोट शिकारा से टकरा गई। इससे शिकारा पलट गया। शिकारा में बैठे पांच बच्चे, दो पुरुष और दो महिलाएं डूबने लगे। इससे चीख-पुकार मच गई। निषाद नौकायन विकास समिति के कुछ सदस्यों ने पानी में छलांग लगा दी। इसके बाद सभी को ताल से सुरक्षित निकाला गया। गनीमत थी कि जहां पर शिकारा पलटा, वहां पानी कम था। अगर पानी ज्यादा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इस हादसे के बाद ताल में बोटिंग के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजाम पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ट्रायल के दौरान बिना लाइफ सपोर्ट जैकेट के इतने लोगों को शिकारा पर बैठाना हद दर्जे की लापरवाही है।
मानक से ज्यादा लोगों को शिकारा पर बैठाया
जीडीए की अनुमति से संचालकों ने 40 लाख खर्च कर दो शिकारा मंगाया है। रविवार को इसका ट्रायल किया जा रहा था। संचालकों ने ट्रायल के दौरान ही पांच बच्चों, दो पुरुष और दो महिलाओं को बैठा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे वाले शिकारा पर ज्यादा लोगों को बैठाया गया था। इससे संतुलन बिगड़ गया और शिकारा स्पीड बोट से टकरा गया। सभी को लाइफ सपोर्ट जैकेट भी नहीं पहनाया गया था, जो जरूरी है। इससे पहले भी लाइफ सपोर्ट जैकेट न पहनाने का मामला सामने आया था। जिम्मेदारों ने तत्काल हिदायत दी, लेकिन कुछ दिन बाद ही फिर से लापरवाही शुरू हो गई।
समिति के सदस्यों को करेंगे सम्मानित
ताल में डूब रहे लोगों को बचाने वाले निषाद नौकायन विकास समिति के चार सदस्यों राममिलन, रामाज्ञा, टुन्ना प्रसाद और संदीप यादव को सम्मानित किया जाएगा। सचिव राधेश्याम साहनी ने यह जानकारी दी।
जीडीए से शिकारा संचालन का टेंडर मिला है। अभी अनुबंध बाकी है। रविवार को शिकारा की लोड क्षमता आदि का परीक्षण किया जा रहा था। इसमें किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं बैठाया गया था। नाविक के रिश्तेदार ही सवार थे। सभी को लाइफ सपोर्ट जैकेट पहनाया गया था। शिकारा की गति मात्र 20 किलोमीटर है। स्पीड बोट की गति ज्यादा होती है। हम अपने निर्धारित रूट पर थे, लेकिन पता नहीं कैसे एकाएक टक्कर हो गई। मैं तत्काल पानी में कूदा और अपनी दूसरी बोट लेकर पहुंचा। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
- राजकुमार साहनी, शिकारा संचालक
रामगढ़ ताल में जीडीए के अलावा पर्यटन निगम की ओर से अलग-अलग नाव संचालित कराई जाती हैं। सबके लिए जेटी और रूट निर्धारित है। निश्चित तौर पर किसी गड़बड़ी के कारण ऐसी घटना हुई होगी। मामले की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी। साथ ही ऐसी व्यवस्था कराई जाएगी कि आगे ऐसी घटना न हो।
अनुज सिंह, उपाध्यक्ष, जीडीए
जार्बिंग बॉल में छात्र अमन की हो चुकी है मौत
रामगढ़ ताल में जॉर्बिंग बॉल में चढ़े छात्र अमन राय की बीते वर्ष फरवरी में मौत हो गई थी। वह अपने तीन दोस्तों के साथ ताल पर घूमने आया था। जॉर्बिंग बाल के लिए जीडीए ने एक महीने पहले ही नीलामी के जरिये टेंडर किया था। इस वाटर स्पोर्ट्स के संचालन के लिए संबंधित फर्म प्राधिकरण को हर महीने करीब 75 हजार रुपये देती है। ताल पर सुरक्षा मानकों की हमेशा अनदेखी की गई। नौकायन केंद्र पर बोटिंग में जबरदस्त लापरवाही सामने आई थी। बिना सुरक्षा इंतजाम के ही देर शाम तक बोटिंग कराई गई। जब मामला सामने आया तो अफसर जागे, फिर समय से बोटिंग कराई जाने लगी।

परिवार के साथ आए थे घूमने, हो गया हादसा
जगदीशपुर निवासी राजकुमार (23), उनकी पत्नी ललिता देवी (23), बच्चे प्रियांशु (5), प्रीति (7), आत्मा कुमार (30), उनकी भाभी किरन देवी (30), किरन के बच्चे सृष्टि (7), मुस्कान (9) और डेढ़ वर्षीय शिवम रविवार को पहली बार रामगढ़ ताल घूमने पहुंचे थे। वहां बच्चों की जिद पर शिकारा में बैठ गए। रामगढ़ ताल में राउंड पूरा करने के बाद लौटते समय प्लेटफार्म से करीब 50 मीटर की दूरी पर ही थे, उसी दौरान स्पीड बोट और शिकारा में टक्कर हो गई।
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