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UP: 'पहाड़ियों से फेंककर नहीं, सिर पर वार कर मार डाला था'; नेपाल से आई इस रिपोर्ट में खुला राखी के कत्ल का राज

Mon, 02 Feb 2026 03:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 02 Feb 2026 03:16 PM IST
सार

नेपाल से आई राखी हत्याकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिटोनियल कैविटी (उदर गुहा) में लगभग 900 मिलीलीटर खून जमा पाया गया जबकि लिवर के दाहिने हिस्से में गहरा तिरछा घाव मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, यह चोट किसी भारी या तेज वस्तु से किया गया था। पेट की अंदरूनी झिल्लियां और ओमेंटम (पेट का पर्दा) भी क्षतिग्रस्त पाए गए थे। 

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Rakhi Murder Case: Nepal Postmortem Report Reveals She Was Killed by Head Injuries
gorakhpur murder - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गोरखपुर के शाहपुर इलाके की राखी श्रीवास्तव राजेश्वरी उर्फ राजेश्वरी की हत्या नेपाल में पहाड़ियों से फेंक कर नहीं बल्कि सिर और पेट पर भारी वस्तु से वार कर की गई थी। इसके बाद शव को सारंगकोट क्षेत्र में जंगल के किनारे झाड़ियों में पत्तों से छिपा दिया गया था। 
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इसका पर्दाफाश नेपाल सरकार की ओर से भेजी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट को साक्ष्य के तौर पर सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी ताकि हत्यारोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
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राखी अपने पति मनीष सिन्हा के साथ वर्ष 2018 में नेपाल भ्रमण पर गई थीं। इसी दौरान नेपाल के कास्की जिले के सारंगकोट क्षेत्र में राखी का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस का दावा था कि हत्यारोपियों ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए उसे पहाड़ से धक्का दे दिया था।
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नेपाल के कास्की जिला पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक पोखरा लेखनाथ महानगरपालिका वार्ड नंबर 15 देउराली शुमती स्थित थोपसे खोला सामुदायिक वन क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों के बीच सूखे पत्तों से ढका हुआ राखी का शव बरामद किया था। 

 

इसके बाद अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नेपाल के वेस्टर्न रीजनल हॉस्पिटल पोखरा भेजा था। फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. मदन प्रसाद बराल ने राखी के शव का पोस्टमार्टम किया।

प्राकृतिक नहीं, पूरी तरह हिंसक थी मौत
रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिटोनियल कैविटी (उदर गुहा) में लगभग 900 मिलीलीटर खून जमा पाया गया जबकि लिवर के दाहिने हिस्से में गहरा तिरछा घाव मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, यह चोट किसी भारी या तेज वस्तु से किया गया था। पेट की अंदरूनी झिल्लियां और ओमेंटम (पेट का पर्दा) भी क्षतिग्रस्त पाए गए थे। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छाती, फेफड़े, हृदय और श्वसन तंत्र पूरी तरह सामान्य थे, जिससे यह पुष्टि होती है कि मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि पूरी तरह हिंसक थी। सिर पर लगी चोट को भी मौत का अहम कारण माना गया है।
 

वहीं यौन उत्पीड़न की आशंका को लेकर भी रिपोर्ट में स्थिति साफ की गई है। मौत से पहले दुष्कर्म के कोई सबूत नहीं मिले। डॉक्टर ने अपने रिपोर्ट में यह भी लिखा कि शव को कोल्ड चैंबर में रखे जाने के कारण मौत का सटीक समय तय करना संभव नहीं हो सका, लेकिन अनुमान है कि मौत शव मिलने से 6 से 24 घंटे पहले हुई थी।

 

इस बीच एसटीएफ ने दिसंबर 2018 में इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए शहर के एक चिकित्सक डॉ. डीपी सिंह और उनके दो कर्मचारियों संतोष कुमार और देशदीपक को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सत्यापन के लिए एंबेसी को भेजा गया पत्र
दरअसल, नेपाल की कास्की जिला पुलिस ने रेखा का अज्ञात में पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने से पहले सत्यापन के लिए एसपी सिटी ने दिल्ली स्थित नेपाल एंबेसी को पत्र भेजा है। कास्की जिला पुलिस की ओर से तैयार रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि कराए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-रवि सिंह, सीओ कैंट
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