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ऑपरेशन शिकंजा: मिलेनियम बैरक में रखा गया राजन तिवारी, यहां पहले भी काट चुका है दो साल की कैद
Sat, 20 Aug 2022 03:34 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 20 Aug 2022 03:34 PM IST
सार
राजन तिवारी पुराने सभी मामलों में बरी हो चुका है। इसी बीच एक पुराने मामले में गिरफ्तारी के बाद एडीजी अखिल कुमार ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत इसकी पैरवी करने का आदेश दिया है। अब पुलिस इसी के तहत प्रभावी पैरवी साक्ष्यों के साथ करेगी, ताकि उसे सजा दिलाई जा सके।
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बिहार के पूर्व विधायक व माफिया राजन तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बिहार के पूर्व विधायक और बाहुबली राजन तिवारी को गोरखपुर जेल की मिलेनियम बैरक में रखा गया है। इससे पहले भी राजन इस बैरक में दो साल की कैद काट चुका है। हालांकि, इस बार जेल में जाते ही राजन ने तबीयत खराब होने की बात की। जेल प्रशासन ने डॉक्टर बुलाकर स्वास्थ्य की जांच कराई तो सब ठीक मिला। जिसके बाद उसे बैरक में डाल दिया गया। राजन की देखरेख में चार सजायाफ्ता कैदियों को भी साथ में रखा गया है।
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जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर जेल राजन तिवारी के लिए कोई नई नहीं है। बृहस्पतिवार को जेल पहुंचते ही राजन को एक बार फिर जेल के मिलेनियम बैरक में ही रखा गया है। इससे पहले भी राजन ने गोरखपुर में जेल में 2 साल से अधिक की सजा यहीं काटी थी। माफिया राजन तिवारी 28 नवंबर 2012 से 29 जुलाई 2014 तक गोरखपुर जेल में बंद रहा। उस दौरान भी उसे यहां मिलेनियम बैरैक में ही रखा गया था।
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सूत्रों के मुताबिक, राजन तिवारी के गोरखपुर जेल में दाखिल होने से पहले ही बैरक की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई थी। साथ ही देखरेख के लिए सजायाफ्ता 4-5 कैदियों को लगाया गया है। शुक्रवार की सुबह राजन ने मिनरल वाटर की मांग की। जेल प्रशासन ने आरओ का पानी उपलब्ध कराया। सुबह दातुन और जेल विवरणिका के मुताबिक जरूरत की चीजें उपलब्ध कराई गईं। हालांकि, जेल प्रशासन का दावा है कि राजन को सामन्य कैदियों की तरह ही रखा गया है।
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ऑपरेशन शिकंजा के तहत पैरवी करेगी पुलिस
राजन तिवारी पुराने सभी मामलों में बरी हो चुका है। इसी बीच एक पुराने मामले में गिरफ्तारी के बाद एडीजी अखिल कुमार ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत इसकी पैरवी करने का आदेश दिया है। अब पुलिस इसी के तहत प्रभावी पैरवी साक्ष्यों के साथ करेगी, ताकि उसे सजा दिलाई जा सके।