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गीता वाटिका: श्रीकृष्ण का चित्र देख चित्रा को लग गई समाधि, राधाष्टमी महोत्सव की हुई शुरुआत
Tue, 10 Sep 2024 03:22 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 10 Sep 2024 03:22 PM IST
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राधाष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
गीता वाटिका में साेमवार को चार दिन चलने वाले राधाष्टमी महोत्सव की शुरुआत हुई।
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राधाष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
राधाजी की प्रधान सखी ललिता का प्राकट्य उत्सव मनाया गया।
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राधाष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
बधाई के पदों के गायन से वातावरण भक्ति से ओत-प्रोत था। राधे-ललिते का उच्चघोष गूंज रहा था। वृंदावन से आए कलाकारों ने 'चित्राजी रासलीला' का मंचन किया।
राधाष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
भगवान श्रीकृष्ण का चित्र देखते ही चित्रा को समाधि लग गई। मंच के दृश्य से दर्शक पूरी तरह जुड़ गए और भाव विभोर हो लीला का आनंद लेते रहे।
राधाष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम की शुरुआत संकीर्तन एवं पद गायन से हुई। सुबह 06:27 बजे ललिता के प्राकट्य की आरती हुई।
राधाष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
'जय राधे जय जय ललिते' के संकीर्तन व बधाई के अनेक पदों के गायन से वातावरण भक्तिमय हो गया था। इसके बाद गृहस्थ संत भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार के पावन कक्ष में पद रत्नाकर का अखण्ड पाठ किया गया।
राधाष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं ने भाईजी के ऑडियो प्रवचन का भी लाभ लिया। सायं वृंदावन से पधारी रास मंडली ने रासलीला की प्रस्तुति दी। माता यशोदा श्रीकृष्ण का चित्र बनाने को चित्रा से कहती हैं। चित्रा उनका चित्र देखकर समाधि में चली जाती हैं।