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साजिश: बिहार की फोटो से गोरखपुर की कानून व्यवस्था पर उठाया सवाल, ऐसे हुआ खुलासा
Thu, 24 Feb 2022 09:35 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 24 Feb 2022 09:35 PM IST
सार
गोरखपुर पुलिस की ओर से ट्वटिर पर इसका खंडन भी किया गया। अपील की गई है कि भ्रामक फोटो और खबर न फैलाएं।
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गोरखपुर पुलिस का ट्वीट
- फोटो : यूपी पुलिस
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विस्तार
पाकिस्तान की फोटो के बाद अब बिहार में जले युवक की फोटो लगाकर गोरखपुर का बताकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने का मामला बृहस्पतिवार को समाने आया है। विक्रम सिंह बादलपुर ने ट्वीट कर बताया कि गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में बसपा समर्थक को जिंदा जला दिया गया, कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। जांच में फोटो समस्तीपुर, बिहार का होने की पुष्टि होने पर साइबर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार को विक्रम सिंह नाम के एक शख्स ने ट्वीट कर लिखा कि गोरखपुर में एक बसपा समर्थक को जिंदा जला दिया गया। पुलिस जबरन मामला शांत करा रही है, सिर्फ इसका कसूर इतना था कि बीजेपी नेता ने पूछा वोट किसे दोगे तो दलित ने बोला हम बीएसपी को देंगे। फोटो सामने आते ही गोरखपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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जांच में पता चला कि फोटो पुरानी है और वह भी बिहार के समस्तीपुर की है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। वहीं गोरखपुर पुलिस की ओर से ट्वटिर पर इसका खंडन भी किया गया। अपील की गई है कि भ्रामक फोटो और खबर न फैलाएं। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि बिहार के फोटो को ट्वीट कर गोरखपुर का बताया गया था। केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
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तेजाब पीड़िता की फर्जी फोटो आ चुके है सामने
20 जनवरी को भीम सेना महिला मोर्चा अध्यक्ष नाम से एक तेजाब पीड़िता का फोटो ट्वीट किया गया था। आधी रात फोटो सामने आते ही पुलिस ने जांच की तो पता चला था कि फोटो 2014 की पाकिस्तान की है। इसके बाद में इसमें पुलिस ने केस दर्ज किया गया था। इसमें भी यही लिखा गया था कि तेजाब पीड़िता को मुख्यमंत्री के शहर में न्याय नहीं मिल रहा है। कानून व्यवस्था पर तब भी सवाल उठाया गया था।