फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Question raised on compensation determination, measurement will be done again

Gorakhpur News: मुआवजा निर्धारण पर उठा सवाल, फिर से होगी नाप-जोख

Fri, 24 May 2024 04:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Fri, 24 May 2024 04:20 AM IST
विज्ञापन
Question raised on compensation determination, measurement will be done again
फोटो-
विज्ञापन


गोड़धोइया नाला : निर्माण स्थल पर पहुंचे अधिकारियों से लोगों ने किए सवाल
प्रशासन के पक्ष में मकानों का बैनामा करने के लिए लोगों को मनाने पहुंचे थे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बशारतपुर क्षेत्र के राजनगर में बृहस्पतिवार को गोड़धोइया नाले से सटे मकानों का बैनामा करने के लिए संबंधित लोगों को मनाने पहुंचे अधिकारियों को सवालों का सामना करना पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया कि मकानों के मुआवजा निर्धारण में अनियमितता की गई है। इस कारण कुछ लोगों को अधिक मुआवजा मिला है, जबकि कुछ को कम। इस मामले में मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील गौड़ ने कहा कि मकानों की नाप-जोख फिर से कराई जाएगी।
आरोप है कि जिनके मकान की दीवार और छत ईंट की बनी हैं, उन्हें आरसीसी की दर पर मुआवजा दिया गया है, जबकि आरसीसी मकान वाले लोगों का मुआवजा कम बनाया गया है। राजस्व अधिकारियों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने नाप-जोख करके रिपोर्ट दी, उसके बाद मुआवजा तय किया गया। यदि किसी को संदेह है तो फिर जांच की जाएगी।
विज्ञापन

इस मौके पर मौजूद राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि उनका मकान आरसीसी है, लेकिन मुआवजा कम बनाया गया है। वहीं नूतन श्रीवास्तव ने भी मुआवजे में भेदभाव का आरोप लगाया। रंजीत सिंह ने कहा कि तीन कमरे का मुआवजा 20 लाख रुपये बना है, जबकि उनके पड़ोसी के एक कमरे का मुआवजा 11 लाख बना है। मुआवजा निर्धारण में मनमानी हुई है। इसकी जांच होनी चाहिए। अन्य लोगों ने भी अधिकारियों से बात की।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मौके पर जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार एवं एई विनस चौधरी, राजस्व अधिकारी प्रदुम्न सिंह एवं लेखपाल मौजूद थे।
परिवार को न डालें जोखिम में : सीआरओ
सीआरओ सुशील गौड़ ने कहा कि गोड़धोइया नाला निर्माण कार्य पूरा होने से पहले बारिश होने वाली है। इस कारण नाले से सटे कुछ मकानों को क्षतिग्रस्त होने का जोखिम है, जबकि जल निगम की टीम सभी मकानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध कर रही है। इस क्षेत्र में तीन कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। आप लोगों को बरसात में मकान खाली कर देना चाहिए, ताकि आप और आपके परिवार की जान जोखिम में न पड़े। उन्होंने कहा कि आपकी समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जा रहा है।

यह है नियम
लोक निर्माण विभाग के अनुसार मकान में कॉलम, बीम और छत की आरसीसी ढलाई हुई हो और ईंट की दीवार सिर्फ व्यवस्था के लिए बनाई गई तो उसे आरसीसी माना जाएगा। आरसीसी मकान में 18348 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा है, जबकि ईंट से बनी दीवार पर ईंट की छत हो तो उसका मुआवजा 13400 रुपये वर्गमीटर होगा। जितनी मंजिल का मकान होगा, उसी दर से मुआवजा बढ़ाकर जोड़ा जाएगा।


वर्जन
गोड़धोइया नाले से सटे मकानाें के मालिकों को समझाया जा रहा है कि वे बरसात में इन मकानों में न रहें। इस मौके पर कुछ लोगों ने मुआवजा निर्धारण पर बातें कीं, तो पुन: नाप-जोख करने का आदेश दिया गया है।
- सुशील गोंड़, मुख्य राजस्व अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed