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सांख्य दर्शन का मनोविज्ञान ही भारतीय दर्शन का आधार : डॉ. सुनील कुमार
Sun, 10 Dec 2023 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:37 AM IST
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गोरक्षनाथ शोधपीठ में कार्यशाला-सह-व्याख्यान का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्थित गोरक्षनाथ शोधपीठ में शनिवार को ‘योग का मनोविज्ञान’ विषय पर कार्यशाला-सह-व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शोधपीठ के उप निदेशक डा. कुशलनाथ मिश्र ने किया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता गोरक्षनाथ शोधपीठ के रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि सांख्य दर्शन का मनोविज्ञान ही भारतीय दर्शन का आधार है। कहा कि सांख्य दर्शन के प्रणेता कपिल यौगिक मनोविज्ञान के जनक हैं। उन्होंने योग के तत्त्व विज्ञान पर भी आधुनिक विज्ञान से तुलना करते हुए विस्तार से प्रकाश डाला। व्याख्यान में विश्वविद्यालय के शोधपीठ की सहायक निदेशिका डाॅ. सोनल सिंह, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, चिन्मयानंद मल्ल, शोध अध्येता कुंवर रणंजय सिंह, अर्चना एवं अन्य विभागों के शोध छात्र एवं परास्नातक कक्षाओं के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्थित गोरक्षनाथ शोधपीठ में शनिवार को ‘योग का मनोविज्ञान’ विषय पर कार्यशाला-सह-व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शोधपीठ के उप निदेशक डा. कुशलनाथ मिश्र ने किया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता गोरक्षनाथ शोधपीठ के रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि सांख्य दर्शन का मनोविज्ञान ही भारतीय दर्शन का आधार है। कहा कि सांख्य दर्शन के प्रणेता कपिल यौगिक मनोविज्ञान के जनक हैं। उन्होंने योग के तत्त्व विज्ञान पर भी आधुनिक विज्ञान से तुलना करते हुए विस्तार से प्रकाश डाला। व्याख्यान में विश्वविद्यालय के शोधपीठ की सहायक निदेशिका डाॅ. सोनल सिंह, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, चिन्मयानंद मल्ल, शोध अध्येता कुंवर रणंजय सिंह, अर्चना एवं अन्य विभागों के शोध छात्र एवं परास्नातक कक्षाओं के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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