Gorakhpur News: मृत छोटे भाई को अविवाहित बताकर संपत्ति हड़पी, केस दर्ज
मृतक की पत्नी पिंकी सिंह ने 19 अप्रैल 2022 को खजनी थाने के इंस्पेक्टर को तहरीर देकर जेठ और इसमें शामिल हल्का लेखपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की तहरीर दी, लेकिन तत्कालीन इंस्पेक्टर केस दर्ज करने की बजाय समाधान दिवस पर सुलह का दबाव बनाने लगे। जांच में मामला सही पाया गया।
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गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला समाने आया है। यहां मृत छोटे भाई को अभिलेखों में अविवाहित साबित कर पैतृक संपत्ति हड़पने वाले बड़े भाई, उसकी पत्नी और लेखपाल के खिलाफ खजनी पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने व धमकी देने का केस दर्ज किया है। इसके बाद से आरोपी फरार है।
खजनी थाना क्षेत्र के छताई गांव के मूल निवासी व अप्रवासी भारतीय नागरिक (थाईलैंड) मिश्वजीत सिंह उर्फ अनूप सिंह की शादी 20 जनवरी 2017 को गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम डेमुसा निवासी पिंकी सिंह से हुई थी। मिश्वजीत की आठ अगस्त 2019 को बैंकाक में हृदय गति रुकने से मौत हो गई।
दर्ज केस के मुताबिक, पति की मौत के बाद जेठ सत्यजीत ने बैंकाक में पिंकी सिंह के पास रखे सारे दस्तावेज को अपना बता कर जबरन ले लिया और मिश्वजीत के इंश्योरेंस की रकम भी हड़प ली। इतना ही नहीं, पिंकी के सारे जेवर भी सत्यजीत और उसकी पत्नी ने हड़प लिए।
लेखपाल की मिलीभगत से किया खेल
दर्ज केस के मुताबिक, 10 मार्च 2021 को मिश्वजीत सिंह के पिता और पिंकी सिंह के ससुर इंद्रजीत सिंह की लखनऊ में मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद मिश्वजीत सिंह के बड़े भाई सत्यजीत सिंह उर्फ अरुण सिंह की छोटे भाई की संपत्ति पर नियत खराब हो गई। उसने छोटे भाई की जायदाद हड़पने के लिए मिश्वजीत सिंह के अविवाहित होने का कूटरचित दस्तावेज स्वयं तैयार किया और पैतृक संपत्ति का एक मात्र दावेदार बताया।
इस फर्जीवाड़े में हल्का लेखपाल की भी मिलीभगत रही। इसी दस्तावेज के जरिये उसने दो गांवों की संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली। इसकी जानकारी होने पर पिंकी सिंह ने खजनी तहसील में शादी का रजिस्टर्ड प्रमाणपत्र के साथ ही कुटुंब रजिस्टर में दर्ज नाम का अभिलेख प्रस्तुत किया तो तीन गांवों में स्थित जमीन पर सत्यजीत सिंह का नाम चढ़ने से रुका।
लेखपाल ने भी तहसीलदार खजनी न्यायालय को लिखित रूप से बताया कि सत्यजीत सिंह ने कूटरचित दस्तावेज स्वयं तैयार कर अपने छोटे भाई मिश्वजीत सिंह को अविवाहित बताया और इसी आधार पर नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। मामले की जानकारी होने पर मृतक की पत्नी पिंकी सिंह ने 19 अप्रैल 2022 को खजनी थाने के इंस्पेक्टर को तहरीर देकर जेठ और इसमें शामिल हल्का लेखपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की तहरीर दी, लेकिन तत्कालीन इंस्पेक्टर केस दर्ज करने की बजाय समाधान दिवस पर सुलह का दबाव बनाने लगे।
एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ केस
खजनी पुलिस द्वारा केस दर्ज करने से मना करने पर पिंकी ने एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा से गुहार लगाई। एसएसपी ने जांच का आदेश दिया। जांच में मामला सही पाए जाने पर एसएसपी के निर्देश पर पुलिस सत्यजीत सिंह, उसकी पत्नी और हल्का लेखपाल के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी, अमानत में खयानत, धमकी देने सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।