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निषाद महाकुंभ: निज हित साधने वालों के बहकावे में न आए निषाद समाज, लड़ें हक की लड़ाई

Tue, 25 Jul 2023 03:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 25 Jul 2023 03:41 PM IST
सार

निषाद महाकुंभ के आयोजन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि आरक्षण के लिए सैकड़ों आंदोलनकारियों पर संगीन धाराएं लगीं। एक नौजवान अखिलेश निषाद शहीद हो गए। आंदोलनकारियों की रिहाई व शहीद अखिलेश की हत्या की सीबीआई जांच होना आवश्यक है।

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Program of Nishad Mahakumbh organized by Eklavya Tribal Fisherman Trust at Digvijaynath Park
निषाद महाकुंभ में पूर्व सांसद जयप्रकाश निषाद का स्वागत करते निषाद समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पूर्व राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद ने कहा कि निषाद समाज आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ता जा रहा है। अब जरूरत है कि हम संगठित होकर अपने वैधानिक अधिकार की लड़ाई लड़ें। लोगों ने व्यक्तिगत हितों का साधकर समाज का नुकसान किया है। अब हमें किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है, अपनी लड़ाई मजबूती से लड़नी है। मछुआ जाति को भी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र मिलना चाहिए।

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पूर्व राज्यसभा सदस्य, सोमवार को एकलव्य आदिवासी मछुआ ट्रस्ट की ओर से रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित निषाद महाकुंभ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निज हित को त्याग कर समाजहित के लिए ईमानदारी से लड़ा गया होता, तो आज समाज का चौमुखी विकास होता।
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निषाद महाकुंभ के आयोजन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि आरक्षण के लिए सैकड़ों आंदोलनकारियों पर संगीन धाराएं लगीं। एक नौजवान अखिलेश निषाद शहीद हो गए। आंदोलनकारियों की रिहाई व शहीद अखिलेश की हत्या की सीबीआई जांच होना आवश्यक है।
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उन्होंने कहा कि मछुआ जाति को भी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र मिलना चाहिए। इसके लिए हम आवाज उठाएंगे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे समाजसेवी घनश्याम दत्त निषाद ने कहा कि नेताओं के ऊपर से समाज का विश्वास उठ चुका है। आरक्षण नहीं तो वोट नहीं की नीति पर चरणबद्ध संघर्ष करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हमारी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर सरकार ने सार्थक पहल करते हुए मत्स्य पालन पट्टा, सिंघाडा उत्पादन पट्टा, पूर्व की भांति एक वर्षीय लगान मूल्य का 1/4 भाग जमा करवाने का शासनादेश जारी कर दिया। इसके लिए प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मछुआ समाज धन्यवाद ज्ञापित करता है।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मछुआ समाज के 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति की सुविधा दिलाने की मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी इंजी. श्रवण कुमार निषाद ने की। सभा को रामनाथ निषाद, चंदन निषाद, शिव साहनी, भागीरथी निषाद, फौजी इंद्रेश निषाद, सुरेंद्र साहनी, प्रेमसागर निषाद, अशोक निषाद, राम सनेही, कमलेश, शंकर विंद, अनिकेत निषाद, रामू निषाद, शंभू निषाद, ओमप्रकाश निषाद, पारस निषाद, गंगा साहनी, सबलू साहनी, अयोध्या साहनी, रमेश साहनी, अनिकेत आदि ने संबोधित किया।

कसरवल कांड की हो सीबीआई जांच : भगवती निषाद
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि, कसरवल कांड में शहीद अखिलेश निषाद की बहन भगवती निषाद ने कहा कि हम तीन बहनों का अखिलेश अकेला भाई था। वह समाज को आरक्षण लाभ दिलवाने के लिए शहीद हो गया। कसरवल कांड में उसको गोली मरवा दिया गया। उसकी शहादत का लाभ कुछ लोगों ने उठाया, लेकिन उन्होंने न तो समाज की सुधि ली और ना ही हमारे परिवार की।


 

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