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Gorakhpur News: जनता के संघर्ष और सपनों के साहित्यकार हैं प्रेमचंद
Mon, 03 Aug 2026 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 03 Aug 2026 02:27 AM IST
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- जयंती सप्ताह के तहत प्रेमचंद पार्क में आयोजित हुआ कार्यक्रम
गोरखपुर। प्रेमचंद पार्क में रविवार को प्रेमचंद जयंती सप्ताह के तहत ‘प्रेमचंद के सपनों का देश’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रमोद कुमार ने कहा कि प्रेमचंद जनता के संघर्ष और सपनों के साहित्यकार हैं। उन्होंने अपने साहित्य में ऐसे भारत के कल्पना की जो संवेदना और मानवीय मूल्यों को स्थापित करे।
प्रेमचंद साहित्य संस्थान के साथ प्रगतिशील लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ, आयाम, गतिविधि और इप्टा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रेमचंद साहित्य संस्थान के सचिव डॉ. राजेश मल्ल ने कहा कि हर समय का बड़ा लेखक अपने सपनों के देश को देखना चाहता है और अपने लेखन में वह उसे रचता भी है। स्वदेश सिन्हा ने भी विचार रखे।
दूसरे सत्र में दीपक यादव, अवनीश, संजना, शालिनी, योगेंद्र पांडेय, नीलकमल, यशवंत राव, सुनीता पाल, सिद्धार्थ शुक्ल, अंकिता सिंह, राजरतन त्रिपाठी व अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया। देवेन्द्र आर्य ने युवा कवियों को साहित्य और समाज की उपलब्धि बताई। संचालन अजय सिंह, निखिल पांडेय व आनंद पांडेय ने किया।
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गोरखपुर। प्रेमचंद पार्क में रविवार को प्रेमचंद जयंती सप्ताह के तहत ‘प्रेमचंद के सपनों का देश’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रमोद कुमार ने कहा कि प्रेमचंद जनता के संघर्ष और सपनों के साहित्यकार हैं। उन्होंने अपने साहित्य में ऐसे भारत के कल्पना की जो संवेदना और मानवीय मूल्यों को स्थापित करे।
प्रेमचंद साहित्य संस्थान के साथ प्रगतिशील लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ, आयाम, गतिविधि और इप्टा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रेमचंद साहित्य संस्थान के सचिव डॉ. राजेश मल्ल ने कहा कि हर समय का बड़ा लेखक अपने सपनों के देश को देखना चाहता है और अपने लेखन में वह उसे रचता भी है। स्वदेश सिन्हा ने भी विचार रखे।
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दूसरे सत्र में दीपक यादव, अवनीश, संजना, शालिनी, योगेंद्र पांडेय, नीलकमल, यशवंत राव, सुनीता पाल, सिद्धार्थ शुक्ल, अंकिता सिंह, राजरतन त्रिपाठी व अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया। देवेन्द्र आर्य ने युवा कवियों को साहित्य और समाज की उपलब्धि बताई। संचालन अजय सिंह, निखिल पांडेय व आनंद पांडेय ने किया।
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