{"_id":"66d6cbb3549262a61a0a2ed2","slug":"professor-of-ddu-biotechnology-department-created-ruckus-suspended-2024-09-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"DDU: वेतन कटने पर प्रोफेसर का हंगामा, निलंबित किए गए- जानिए क्या थी वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
DDU: वेतन कटने पर प्रोफेसर का हंगामा, निलंबित किए गए- जानिए क्या थी वजह
Tue, 03 Sep 2024 02:23 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 03 Sep 2024 02:23 PM IST
सार
प्रो. जोन्नादा एवीपी राव का आरोप है कि ऑनलाइन अवकाश लेने के लिए उनको समर्थ पोर्टल पर ब्लॉक किया गया है। इसको लेकर वह विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार रिमाइंडर दे चुके हैं। इस बीच वह घर जाने के लिए विभाग के कर्मचारी के माध्यम से विभागाध्यक्ष के पास मैनुअल प्रार्थना पत्र भेजकर 20 से 22 अगस्त तक अवकाश पर रहने की सूचना दी।
विज्ञापन
बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो डा० जोन्नादा एवीपी राव गेटपर बहस करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सोमवार को बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर जोन्नादा एवीपी राव ने चार दिन का वेतन कटने पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने कक्षा व लैब से जबरन शिक्षक और छात्र-छात्राओं को बाहर निकाल कर विभाग के गेट पर ताला जड़ दिया। करीब दो घंटे के बाद पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शिक्षक व छात्र विभाग में जा सके। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर को निलंबित कर नियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया।
विज्ञापन
प्रो. जोन्नादा एवीपी राव का आरोप है कि ऑनलाइन अवकाश लेने के लिए उनको समर्थ पोर्टल पर ब्लॉक किया गया है। इसको लेकर वह विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार रिमाइंडर दे चुके हैं। इस बीच वह घर जाने के लिए विभाग के कर्मचारी के माध्यम से विभागाध्यक्ष के पास मैनुअल प्रार्थना पत्र भेजकर 20 से 22 अगस्त तक अवकाश पर रहने की सूचना दी।
विज्ञापन
वह अवकाश लेकर अपने घर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम चले गए। फ्लाइट के विलंब होने के चलते वह 24 अगस्त को विभाग में पहुंचे। विभाग पहुंच कर उन्होंने एक दिन और अवकाश का प्रार्थना पत्र भेजवा दिया। इसके बावजूद उनका चार दिन का वेतन काटा गया। इसकी जानकारी उन्होंने कुलसचिव को फोन से दी, लेकिन उन्होंने उचित जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
प्रोफेसर ने विभागाध्यक्ष व विश्वविद्यालय प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने रिसर्च लैब में कार्य कर रहे एक प्रोफेसर को अपशब्द कहे। लैब के दरवाजे को लात मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। जानकारी होने पर मुख्य नियंता प्रो. सतीश पांडेय पुलिस बल के साथ विभाग पहुंचे। वह प्रोफेसर को हटाकर गेट खुलवाने का प्रयास करने लगे तो उनसे भी नोंकझोक हुई।