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गोरखपुर विश्वविद्यालय: प्रो दीपक प्रकाश त्यागी बने हिंदी के विभागाध्यक्ष, निलंबन की वजह से प्रो कमलेश दौड़ से हुए बाहर
Thu, 30 Dec 2021 02:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 30 Dec 2021 02:14 PM IST
सार
पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो अनिल राय ने प्रो दीपक प्रकाश त्यागी का कार्यालय में स्वागत किया। प्रो दीपक गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एमए 1996 बैच के गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रो दीपक प्रकाश त्यागी को सौंपी गई है। प्रो दीपक ने बुधवार को कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले प्रो कमलेश कुमार गुप्त को विभागाध्यक्ष बनाया जाना था, लेकिन कुलपति प्रो राजेश सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद प्रो कमलेश विभागाध्यक्ष की दौड़ से बाहर हो गए।
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पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो अनिल राय ने प्रो दीपक प्रकाश त्यागी का कार्यालय में स्वागत किया। प्रो दीपक गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एमए 1996 बैच के गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पीएचडी किया है। 2001 में विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में लेक्चरर नियुक्त किए गए। वे कबीर अकादमी के नोडल अफसर एवं नाथ पंथ साहित्य और भारतीय संत परंपरा सेल के संयोजक भी हैं।
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केके बिड़ला फाउंडेशन की व्यास सम्मान समिति एवं सरस्वती सम्मान समिति की भाषा समिति के सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। प्रो त्यागी की 15 पुस्तकें व 57 शोध लेख प्रकाशित हैं। उनके निर्देशन में 17 विद्यार्थियों ने शोध उपाधि प्राप्त की है। आठ विद्यार्थी शोध कार्य कर रहे हैं। इस मौके पर प्रो अजय सिंह, प्रो रामदरश राय, डॉ रामनरेश राम, डॉ प्रभा सिंह, डॉ रामकृपाल राय, डॉ आमोद राय, डॉ निमिषा सिंह, डॉ शैलेन्द्र राव आदि मौजूद रहे।
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