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जेल में बंद युवक की मौत के बाद धरने पर बैठे परिजन, पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग

Sat, 07 Nov 2020 11:17 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 07 Nov 2020 11:17 AM IST
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Prisoner Shubham family sitting dharna After death of in jail at gorakhpur
धरने पर बैठे लोग। - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शुक्रवार को हत्या के प्रयास के आरोपी बंदी शुभम की मौत इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद देर रात में परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे। वहीं शनिवार की सुबह परिजन पुलिस कमिर्यों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि पुलिस की पिटाई के वजह से शुभम की मौत हुई है।

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बता दें कि शुक्रवार की देर रात सपा नेताओं ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने आरोप लगाया कि पुलिसिया पिटाई से मौत हुई है। उन्होंने कहा कि परिजनों का कहना है कि शुभम नाबालिग था। वह दसवीं का छात्र था।
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उन्होंने कहा कि पुलिस ने बेरहमी से छात्र की पिटाई कर जेल भेजवा दिया। जेल में स्थिति खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई । सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार में अपराध चरम पर है।
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सपा जिलाध्यक्ष ने सरकार से घटना के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और परिजनों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की है।

ये है मामला

जानकारी के अनुसार बांसगांव थाना क्षेत्र के विशुनपुर निवासी शुभम उर्फ सोनू कुमार पुत्र मुन्ना प्रसाद के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज था। पुलिस ने उसे बीते 11 अक्तूबर को डिघवा तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पहले वह अस्थायी जेल में रहा फिर 16 अक्तूबर को उसे मुख्य जेल की मिलेनियम बैरक में शिफ्ट कर दिया गया।

जेल सूत्रों के अनुसार मिलेनियम बैरक में रहने के दौरान बीते 29 अक्तूबर को उसे बुखार व उल्टी की शिकायत हुई। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जेल प्रशासन ने उसे दो नंवबर को जिला अस्पताल के डॉक्टरों को दिखाया।
तबीयत न सुधरने पर तीन नवंबर को उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक व प्रभारी डीआईजी जेल डॉ. रामधनी ने कहा कि इलाज के दौरान बंदी की मौत हुई है। पोस्टमार्टम व डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि उसे क्या बीमारी थी और कैसे उसकी मौत हुई।
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