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कोरोना पर वार: 12 से 14 वर्ष के बच्चों की सूची बनाने की तैयारी शुरू, मार्च में लगना है टीका
Thu, 20 Jan 2022 01:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 20 Jan 2022 01:57 PM IST
सार
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि हम पहले से ही 12 से 14 वर्ष के बच्चों की सूची तैयार कर चुके हैं। आशा, आंगनबाड़ी वर्करों और एएनएम को निर्देश है कि ये लोग सूची को नए सिरे से अपडेट कर लें, ताकि किसी बच्चे का नाम छूट न जाए।
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बच्चों का टीकाकरण
- फोटो : ANI
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विस्तार
गोरखपुर में स्वास्थ्य विभाग 12-14 साल तक की उम्र के बच्चों की सूची बनाना शुरू कर दिया है। आशा-आंगनबाड़ी वर्कर और एएनएम को निर्देश दिया गया है कि वे गांवों और मोहल्लों में घर-घर जाकर 12 से 14 साल तक के बच्चों की सूची बनाएं। इस उम्र के बच्चों को मार्च माह में कोरोना की वैक्सीन लगाई जानी है।
जानकारी के मुताबिक, 15 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों की सूची बनाते समय विभाग ने जन्म से पांच वर्ष, पांच से नौ और नौ से 12 वर्ष तक के बच्चों की भी सूची बनाई थी। लेकिन, शासन से 15 से 17 वर्ष के किशोरों को टीका लगाने का निर्देश दिया गया तो यह सूची काम नहीं आई। हालांकि, विभाग को अनुमान है कि 12 से 14 वर्ष के बच्चों की संख्या जिले में कितनी है। उस हिसाब से विभाग को क्या लक्ष्य मिल सकता है, इसकी भी जानकारी हो चुकी है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि हम पहले से ही 12 से 14 वर्ष के बच्चों की सूची तैयार कर चुके हैं। आशा, आंगनबाड़ी वर्करों और एएनएम को निर्देश है कि ये लोग सूची को नए सिरे से अपडेट कर लें, ताकि किसी बच्चे का नाम छूट न जाए।
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जानकारी के मुताबिक, 15 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों की सूची बनाते समय विभाग ने जन्म से पांच वर्ष, पांच से नौ और नौ से 12 वर्ष तक के बच्चों की भी सूची बनाई थी। लेकिन, शासन से 15 से 17 वर्ष के किशोरों को टीका लगाने का निर्देश दिया गया तो यह सूची काम नहीं आई। हालांकि, विभाग को अनुमान है कि 12 से 14 वर्ष के बच्चों की संख्या जिले में कितनी है। उस हिसाब से विभाग को क्या लक्ष्य मिल सकता है, इसकी भी जानकारी हो चुकी है।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि हम पहले से ही 12 से 14 वर्ष के बच्चों की सूची तैयार कर चुके हैं। आशा, आंगनबाड़ी वर्करों और एएनएम को निर्देश है कि ये लोग सूची को नए सिरे से अपडेट कर लें, ताकि किसी बच्चे का नाम छूट न जाए।
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पहले बनी सूची के आधार पर बच्चों की संख्या
- जन्म से- आठ वर्ष तक 4.15 लाख
- नौ-12 वर्ष तक - तीन लाख
- 13-17 वर्ष तक - 5.20 ला