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पहल: नेपाली के साथ भोजपुरी पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी, इस वजह से लिया जा रहा है फैसला
Sat, 26 Jun 2021 03:05 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Jun 2021 03:05 PM IST
सार
मातृभाषा भोजपुरी में शिक्षा व्यवस्था लागू करने की गुहार लगाने पहुंचे मर्चवार गांव के शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से बात करते हुए अध्यक्ष बनिया ने अगले वर्ष कक्षा एक का पाठ्यक्रम तैयार कर लागू करने का आश्वासन दिया है।
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इंडो नेपाल सीमा। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भारत-नेपाल सीमा सोनौली से सटे रूपनदेही जिले के मर्चवार क्षेत्र के ग्राम पंचायत ने अगले शैक्षणिक सत्र से नेपाली के साथ स्थानीय भोजपुरी भाषा का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी कर रही है। ग्राम पंचायत के अध्यक्ष केशवानंद बनिया ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र में सभी स्कूलों में कक्षा एक में भोजपुरी भाषा पढ़ाई जाएगी।
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मातृभाषा भोजपुरी में शिक्षा व्यवस्था लागू करने की गुहार लगाने पहुंचे मर्चवार गांव के शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से बात करते हुए अध्यक्ष बनिया ने अगले वर्ष कक्षा एक का पाठ्यक्रम तैयार कर लागू करने का आश्वासन दिया है।
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ग्राम नगर पालिका उपाध्यक्ष सुनीता कलवार ने बताया कि स्थानीय भाषा में शिक्षा होना जरूरी है और मार्चवारी इसके लिए कटिबद्ध है। स्थानीय सरकार को इसके तत्वावधान में स्थानीय पाठ्यक्रम चलाने का अधिकार दिया गया है और अब सरकार स्थानीय भाषा के पाठ्यक्रम को चतुराई से लागू करने की योजना बना रही है।
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उन्होंने कहा कि पहले ही ग्राम नगर पालिका की वार्षिक परिषद को कार्यक्रम प्रस्तुत कर दिया है। उम्मीद है कि कुछ दिनों में परियोजना को लागू किया जाएगा।
पिछले 20 साल से भाषा आंदोलन चला रहे लेखक और शिक्षक शिवनंदन जायसवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके अभियान को सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा, साहित्य, लोक संस्कृति और समाज की लोक कला का अध्यन कर पहचान और अधिकार की स्थापना की जाएगी।