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Gorakhpur News: सारसों के कलरव से गूंज रहा प्रेमपुर ताल, 108 सारस कर रहे हैं विचरण
Mon, 28 Aug 2023 03:49 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी जंगल कौड़िया।
संवाद न्यूज एजेंसी जंगल कौड़िया।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 28 Aug 2023 03:49 PM IST
सार
डीएफओ विकास यादव ने कहा कि राजकीय पक्षी सारस की संख्या बढ़ी है। इनके बचाव के लिए अभियान के तौर पर काम शुरू हुआ है। लोगों को सारस के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया।
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सारस।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी सारस तालाब, कीचड़ और वनस्पतियों से परिपूर्ण आर्द्रभूमि वाले इलाकों में रहता है। क्षेत्र में इस समय सैकड़ों की संख्या में सारस हैं। प्रेमपुर ताल में इन दिनों 108 सारस एक साथ विचरण करते देखे जा रहे हैं।
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जंगल कौड़िया के निकट ताल लिखिया, प्रेमपुर लाल, जमुआड़, गोड़वारी पुल, चिलुआताल आदि क्षेत्रों में सारस का कुनबा बढ़ने से वन अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी है।
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जून 2022 की गणना में गोरखपुर वन प्रभाग के तहत 187 सारस मिले थे जिनमें 18 बच्चे भी शामिल थे। वहीं जून 2023 में कराई गई गणना के अनुसार कुल 411 सारस मिले जिनमें 365 वयस्क तथा 46 बच्चे शामिल हैं। यानी एक वर्ष में 224 सारस बढ़ गए। इससे स्पष्ट है कि सारस का कुनबा तराई इलाके में बढ़ा है। प्रेमपुर गांव के सिद्धू का कहना है कि सैकड़ों की संख्या में सारस निडर होकर क्षेत्र में रहते हैं। इनका कोई शिकार नहीं करता है। इस वर्ष सारस अधिक संख्या में दिखाई दे रहे हैं।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त आचार्य प्रो बदरे आलम अंसारी ने बताया सारस अपना घोंसला घनी वनस्पतियों से भरे उथले तालाबों के पास बनाते हैं। सारस के चूजे तेजी से बड़े होते हैं। उनका पालन-पोषण दलदल में उपलब्ध प्रोटीनयुक्त आहार (कीड़े, मोलस्क, मछली आदि) से पूरा होता है इसलिए यह आर्द्रभूमि के समीप रहना पसंद करते हैं।
डीएफओ विकास यादव ने कहा कि राजकीय पक्षी सारस की संख्या बढ़ी है। इनके बचाव के लिए अभियान के तौर पर काम शुरू हुआ है। लोगों को सारस के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया।
डीएफओ विकास यादव ने कहा कि राजकीय पक्षी सारस की संख्या बढ़ी है। इनके बचाव के लिए अभियान के तौर पर काम शुरू हुआ है। लोगों को सारस के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया।