Gorakhpur News: गोरखपुर के बांसगांव सीएचसी में गर्भवती की मौत, लापरवाही का आरोप
सीएचसी पर इमरजेंसी में तैनात डाॅ. धीरज शाही और फार्मासिस्ट बाबूराम ने मरीज को लेबर रूम में भर्ती कर लिया। लेबर रूम की स्टाफ नर्स संगीता त्रिपाठी ने इलाज शुरू किया। सुबह ज्योति की मौत हो गई। इस बावत स्टॉफ नर्स सुनीता त्रिपाठी से बात करने की कोशिश की गई, पर फोन नहीं रिसीव किया गया।
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गोरखपुर जिले में बांसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को आई गर्भवती महिला की इलाज के कुछ घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर, जानकारी होने पर एसीएमओ डॉ. गणेश यादव बुधवार देर शाम जांच के लिए सीएचसी पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ की।
क्षेत्र के सिंगहा गांव निवासी ज्योति (24) की शादी नितेश से चार वर्ष पहले हुई थी। उन्हें दूसरी बार प्रसव होना था। मंगलवार को दर्द होने पर पति नितेश ने गांव की आशा कार्यकर्ता सुशीला को जानकारी दी। सुशीला और परिजन सरकारी एंबुलेंस की मदद से रात 11 बजे ज्योति को लेकर सीएचसी बांसगांव पहुंचे।
सीएचसी पर इमरजेंसी में तैनात डाॅ. धीरज शाही और फार्मासिस्ट बाबूराम ने मरीज को लेबर रूम में भर्ती कर लिया। लेबर रूम की स्टाफ नर्स संगीता त्रिपाठी ने इलाज शुरू किया। सुबह ज्योति की मौत हो गई। इस बावत स्टॉफ नर्स सुनीता त्रिपाठी से बात करने की कोशिश की गई, पर फोन नहीं रिसीव किया गया।
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मामले की जानकारी होने पर एसीएमओ डॉ. गणेश यादव देर शाम जांच के लिए सीएचसी पहुंचे। उन्होंने चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों से अलग-अलग जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से भी बात की। ज्योति के ससुर और पति नितेश ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और कर्मचारी की लापरवाही से ज्योति की जान गई। आरोप है कि सुबह हालत बिगड़ने पर मुंह से झाग और नाक से खून निकलने लगा था। इसके बाद मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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आशा कार्यकर्ता सुशीला का आरोप है कि उसी समय मरीज की मौत हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
क्या कहती हैं महिला डॉक्टर
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सीएचसी प्रभारी डॉ कृष्ण मोहन अग्रवाल ने कहा कि रात में महिला को लाया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर थी। हमें सुबह जानकारी हुई। उस समय बच्चे की धड़कन चल रही थी। उसे डॉ. विजयलक्ष्मी ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पूरी जानकारी लेकर ही इस बारे में कुछ बता पाऊंगा।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि परिजनों के आरोप के आधार पर मामले की जांच के लिए एसीएमओ को भेजा गया था। हालत गंभीर होने पर ही मरीज को रेफर किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।