{"_id":"619c72d587e70b577677f692","slug":"pre-phd-candidates-sitting-on-dharna-for-nine-hours-after-locking","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विश्वविद्यालय: तालाबंदी कर नौ घंटे धरने पर बैठे प्री-पीएचडी अभ्यर्थी, मांगें मानी गईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विश्वविद्यालय: तालाबंदी कर नौ घंटे धरने पर बैठे प्री-पीएचडी अभ्यर्थी, मांगें मानी गईं
Tue, 23 Nov 2021 10:19 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 23 Nov 2021 10:19 AM IST
सार
गोविवि में पांच दिसंबर तक प्री-पीएचडी की परीक्षा तिथि घोषित होगी, आधे घंटे तक प्रशासनिक भवन में फंसे रहे शिक्षक-कर्मचारी।
विज्ञापन
गोरखपुर विश्चविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्ष 2019-20 के प्री-पीएचडी अभ्यर्थियों ने पुराने आर्डिनेंस के अनुसार परीक्षा कराने, परीक्षा की तिथि घोषित करने, फेल होने पर दोबारा परीक्षा का शेड्यूल घोषित की मांग संबंध में सोमवार को प्रशासनिक भवन पर धरना दिया। करीब नौ घंटे तक चला धरना रात आठ बजे खत्म हुआ।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में प्री-पीएचडी अभ्यर्थी इसके पहले 16 नवंबर को धरने पर बैठे थे। देर रात तक चले धरने में प्रशासनिक अधिकारियों ने दो दिन में मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन समय सीमा बीतने के बाद विवि प्रशासन ने मांगों के संदर्भ में घोषणा नहीं की। इसे लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ने लगी। हालांकि इसी बीच विवि प्रशासन की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें वर्ष 2018-अध्यादेश के मुताबिक परीक्षा की बात कही गई लेकिन पब्लिकेशन एथिक्स विषय जोड़ दिया गया, जिससे गलतफहमी होने लगी।
विज्ञापन
नाराज अभ्यर्थियों की जुटान सोमवार को प्रशासनिक भवन पर होने लगी। सुबह 11 बजे सभी कमेटी हॉल के सामने चले गए और धरने पर बैठे। अंदर विवि विभागाध्यक्षों और संकायाध्यक्षों की बैठक चल रही थी। बैठक में कुलपति नहीं पहुंचे तो नाराज छात्रों ने प्रशासनिक भवन के दोनों चैनल गेट को बंद कर दिया। आधे घंटे तक शिक्षक व कर्मचारी फंसे रहे। काफी मान मनौव्वल करके अधिकारियों ने ताला खुलवाकर सभी को बाहर कराया। इस अवसर पर मंदीप राय, कमलकांत राव, अंजली, दीप्ति राय, राजन दुबे, लोकप्रिय पांडेय, अभिषेक तिवारी, प्रशांत, कृष्णा कुमार, सोनू, कृतिका, पवन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इन मुद्दों पर बनी सहमति
तीन बार अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह, प्रो. विनय सिंह और परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह अभ्यर्थियों से वार्ता करने पहुंचे। आश्वस्त किया कि परीक्षा-2018 के अध्यादेश के अनुसार होगी। इसमें दो प्रश्न पत्र रिसर्च मेथाडोलॉजी और कंप्यूटर एप्लीकेशन ही होंगे। सिलेबस से पब्लिकेशन एथिक्स को हटा दिया गया है।
परीक्षा फॉर्म मंगलवार से भरना शुरू कर दिया जाएगा और चार दिसंबर तक भरा जाएगा। परीक्षा तिथि पांच दिसंबर से पहले घोषित कर दी जाएगी। परीक्षा 20 से 24 दिसंबर के बीच में होगी। दूसरी तरफ देर रात परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।