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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Practicing yoga in the lap of nature offered the mantra for a healthy and positive life.

रामगढ़ताल की लहरों पर योग: नाव पर खड़े होकर किया योगाभ्यास, प्रभात बेला योगमय हो उठी

Sun, 21 Jun 2026 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 21 Jun 2026 02:03 AM IST
सार

प्रकृति की गोद में सामूहिक योगाभ्यास ने स्वास्थ्य, आत्मानुशासन और पर्यावरण के साथ सामंजस्य का अद्भुत संदेश दिया। शांत जलराशि, शीतल समीर और उगते सूर्य की ऊर्जा के मध्य योगाभ्यास ने प्रतिभागियों को शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक संतुलन का अनुपम अनुभव कराया। प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया।

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Practicing yoga in the lap of nature offered the mantra for a healthy and positive life.
योग करतीं डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन व अन्य।

विस्तार

उगते सूरज की स्वर्णिम किरणों, रामगढ़ताल की शांत लहरों और प्रकृति की अनुपम छटा के बीच शनिवार की प्रभात बेला योगमय हो उठी। रामगढ़ताल की लहरों के बीच बोट पर योगाभ्यास से स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन का मंत्र दिया गया।
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अवसर था दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में रामगढ़ताल के जेट्टी पर आयोजित 'प्रकृति के साथ योग' कार्यक्रम का। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के सामने जेट्टी नं. पांच पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में डीडीयू के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राओं व स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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प्रकृति की गोद में सामूहिक योगाभ्यास ने स्वास्थ्य, आत्मानुशासन और पर्यावरण के साथ सामंजस्य का अद्भुत संदेश दिया। शांत जलराशि, शीतल समीर और उगते सूर्य की ऊर्जा के मध्य योगाभ्यास ने प्रतिभागियों को शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक संतुलन का अनुपम अनुभव कराया। प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया।
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इस अवसर पर कुलपति ने कहा, योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। प्रकृति के सान्निध्य में किया गया योग मन, शरीर और पर्यावरण के बीच गहरा सामंजस्य स्थापित करता है। विश्वविद्यालय योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. सुनीता मुर्मू, प्रो. विनीता पाठक, प्रो. आमोद राय, डॉ. के. सुनीता, डॉ. दुर्गेश पाल, डॉ. मनीष पांडेय, डॉ. कुशलनाथ मिश्र आदि मौजूद रहे।

शरीर को स्वस्थ बनाता है योग
गोरखपुर। महात्मा गांधी पीजी कॉलेज में दो दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. अनिल सिंह ने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ बनाता है और ध्यान मन को शांत एवं संतुलित रखने में सहायता करता है। दोनों का नियमित अभ्यास समग्र स्वास्थ्य एवं बेहतर जीवनशैली के लिए उपयोगी माना जाता है। इस अवसर पर प्रो. महेश यादव, प्रो. अवनीश, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. अनिता कुमारी, डॉ. अजय बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो


भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है योग
गोरखपुर। दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में योग के महत्व पर व्याख्यान व योगाभ्यास का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता आरोग्य भारती, गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है। योग मानव जीवन को स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने की। इस मौके पर आरोग्य भारती के डॉ. जयंत नाथ व रत्नेश्वर प्रताप सिंह, कॉलेज के डॉ. अवधेश शुक्ल, डॉ. नितीश शुक्ल, जितेंद्र पांडेय, डॉ. आरपी यादव, डॉ. चंडी पांडेय, डॉ. रीतू सिंह, डॉ. सुनीता श्रीवास्तव आदि ने सहभागिता की।
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