फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Power workers will not work today against privatization in gorakhpur basti division

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार, संगठन के नेता करेंगे ऊर्जामंत्री से मुलाकात

Mon, 05 Oct 2020 09:48 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 05 Oct 2020 09:48 AM IST
विज्ञापन
Power workers will not work today against privatization in gorakhpur basti division
एनआईसी बिल्डिंग में उपस्थित कमिश्नर व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण की सुगबुगाहट के बीच बिजली कर्मचारी आज कार्य बहिष्कार करेंगे। कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। इसी सिलसिले में अभियंता संघ, अवर अभियंता संघ, प्राविधिक कर्मचारी संघ और मजदूर पंचायत संघ की संयुक्त संघर्ष समिति की रविवार को बैठक हुई। तय हुआ कि एकजुट होकर लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

विज्ञापन


उधर, बिजली कर्मियों के कार्य बहिष्कार से आम जनता को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने भी कमर कस ली है। कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा है कि बिजली कर्मियों की हड़ताल के कारण जनजीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन


रविवार शाम मंडल के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक में कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने निर्देश दिया कि हालात से निपटने के लिए लोक निर्माण, रोडवेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, सैनिक कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएं। सभी ट्रांसमिशन एवं वितरण केंद्रों पर पुलिस कर्मी तैनात किए जाएं और एसडीएम व पुलिस के अधिकारी निगरानी रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंट्रोल रूम में 24 घंटे ड्यूटी लगाई जाए। बिजली निगम की हेल्पलाइन को संचालित किया जाए। संविदा कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएं। सभी अस्पतालों एम्स, रेलवे, एयरफोर्स, इंडस्ट्रीयल एरिया, बीआरडी मेडिकल कालेज अस्पताल, पेयजल आपूर्ति आदि की बिजली आपूर्ति बाधित न हो इसका भी ख्याल रखा जाए।

कर्मचारी नेता आज करेंगे ऊर्जामंत्री से मुलाकात, बात नहीं बनी तो आंदोलन तेज होगा

निजीकरण की सुगबुगाहट के बीच बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी है। अभी तक अलग-अलग दिन विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था लेकिन आज कार्य बहिष्कार रहेगा। संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ऐश्वर्य सिंह ने कहा कि 500 बिजली कर्मचारी काम नहीं करेंगे। इससे कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से ठप रहेगा। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डीके मिश्रा व उपाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष प्रभुनाथ ने कहा कि निजीकरण का विरोध जारी रहेगा।

आज संगठन के नेताओं की ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से लखनऊ में मुलाकात होगी। यदि बातचीत आगे नहीं बढ़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी आंच इमरजेंसी सेवाओं तक जा सकती है। जिले के 70 बिजली उपकेंद्रों में भी कामकाज ठप किया जा सकता है। शहरी क्षेत्र में ही करीब 25 बिजली उपकेंद्र हैं। वार्ता विफल हुई तो सिर्फ मोतीराम अड्डा उपकेंद्र पर काम होगा।
 
विद्युत मजदूर करेंगे कार्य बहिष्कार
विद्युत मजदूर संगठन ने भी सोमवार से कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। कार्य बहिष्कार में बिजली सब स्टेशनों एवं पावर हाउस में कार्यरत कुछ कर्मी कार्य बहिष्कार से खुद को अलग रखेंगे। ये कर्मचारी बिजली व्यवस्था सामान्य बनाए रखने में मददगार होंगे।

कर्मचारी नेता मनीष राय ने बताया कि संगठन ने निर्णय लिया है कि यदि किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न किया गया तो तत्काल हड़ताल पर जाकर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से पूर्वांचल डिस्कॉम के निजीकरण के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की अपील की।

दो मंडलों के सभी जिलों में कार्य बहिष्कार

गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी जिलों में बिजली कर्मचारी कामकाज ठप रखेंगे। इसी लिहाज से प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारियां की हैं। गोरखपुर के मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने गोरखपुर के साथ ही महराजगंज, देवरिया व कुशीनगर में भी वैकल्पिक व्यवस्था बनाई है।

आज ये काम नहीं होंगे
बिल नहीं जमा होगा, बिल सुधार का काम ठप रहेगा। नया कनेक्शन नहीं मिलेगा, बिजली मीटर नहीं लगेगा। इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी, मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल व जलकल की बिजली सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी। इसमें किसी तरह का व्यवधान नहीं डाला जाएगा।

काम करेंगे संविदा कर्मी
बिजली निगम के संविदा कर्मियों ने आंदोलन से खुद को अलग कर लिया है। सोमवार को संविदा कर्मी काम करेंगे। जिले में इनकी संख्या करीब एक हजार है। संविदा कर्मी ही स्थानीय स्तर पर फाल्ट ठीक करते हैं। बिजली संचालन की व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रशासन का दावा है कि संविदा कर्मियों की मदद से सब कुछ संभाल लिया जाएगा। 

बोले कार्यवाहक डीएम, जनता को नहीं होगी कोई दिक्कत

कार्यवाहक डीएम एवं मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि 400 केवी के विद्युत स्टेशनों पर पावर ग्रिड के कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। इसके अलावा 132-220 केवी के विद्युत स्टेशन पर विभिन्न विभागों के जूनियर इंजीनियर तैनात किए गए हैं।

33 केवी और अन्य छोटे सब स्टेशनों पर संविदा कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। कंट्रोल रूम और स्टोर रूम में 10-10 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन और पुलिस की ओर से बड़े अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है।
 
तकनीकी नियंत्रण कक्ष ई-दिशा केंद्र में इनकी लगी ड्यूटी

  • अमरेश चंद्र वर्मा, चकबंदी अधिकारी गोपलापुर : 9454293710 (सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक)
  • रवि प्रकाश श्रीवास्तव, चकबंदी अधिकारी दीवान बाजार  (दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक)
  • धीरेंद्रजीत सिंह, चकबंदी अधिकारी चौरीचौरा : 9450953544 (रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक)
  • ई-दिशा केंद्र के फोन नंबर : 0551: 2201796, 9450963851, 9450119194, 7068962413


विद्युत उपकेंद्रों की देखरेख के लिए लेखपालों को लगाया
बिजली विभाग की हड़ताल की घोषणा के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। एसडीएम राजेंद्र बहादुर ने सभी राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों को कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र के सब स्टेशनों पर जाकर उसकी चाबी ले लें। साथ ही अन्य जानकारी भी प्राप्त करें। एसडीएम ने बताया कि जानकारी मिली है कि बिजली कर्मचारी रविवार रात 12 बजे से हड़ताल पर जाएंगे, जिससे वहां की जानकारी लेखपाल को होना जरूरी है। जब तक कोई प्रबंध नहीं होता है तब तक लेखपाल की ड्यूटी रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed