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यूपी: यहां चपरासियों के भरोसे चल रहा बिजली दफ्तर, 83 कर्मचारी-अधिकारी मिले अनुपस्थित
Wed, 16 Dec 2020 10:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2020 10:38 AM IST
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बिजली कार्यलय का निरीक्षण करते अपर आयुक्त।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने बिजली दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया तो खुद ही दंग रह गए। मोहद्दीपुर मुख्य कार्यालय से लेकर ग्रामीण खंड के अधिशासी अभियंता कार्यालय तक में ज्यादातर जगह एक्का-दुक्का अधिकारियों को छोड़ चपरासी और बाबू ही नजर आए। जांच के दौरान कुछ जगहों पर चपरासी या बाबू ने की कमरों के ताले तक खोले। निरीक्षण में अनुपस्थित मिले 83 अफसरों-कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हर हाल में सुबह नौ बजे तक उनके कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया है। वहीं बिजली निगम के अधिकारियों की कार्य प्रणाली और लेटलतीफी की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। कमिश्नर ने संज्ञान लेेते हुए मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम औचक निरीक्षण के लिए भेजी।
सुबह 10 बजे टीम बिजली कार्यालयों पर पहुंची तो कर्मचारियों की उपस्थिति हैरान करने वाली थी। मुख्य अभियंता कार्यालय में काफी कर्मचारी नदारद मिले। निरीक्षण के दौरान ही मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह भी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद टीम अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंची।
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यहां अधिशासी अभियंता समेत दफ्तर के क्लर्क गायब मिले। टीम के बताने पर वहां मौजूद चपरासी ने कार्यालय का ताला खोला। इसके बाद वहां की उपस्थिति पंजिका को टीम ने अपने पास रख लिया। वहां से विद्युत वितरण खंड ग्रामीण द्वितीय के कार्यालय पहुंची टीम को वहां अधिशासी अभियंता सोमदत्त मिले। साथ में कार्यकारी सहायक रामअनूप पाल भी मौजूद रहे। इन्हें छोड़कर अलावा सभी कर्मचारी अनुपस्थित मिले। यहां भी टीम ने कार्यालयों से उपस्थिति पंजिका को जब्त कर लिया। टीम के आने की जानकारी होने पर खंड प्रथम व द्वितीय के कर्मचारी दौड़-भाग कर कार्यालय पहुंचे, तबतक टीम वापस लौट चुकी थी।
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मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हर हाल में सुबह नौ बजे तक उनके कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया है। वहीं बिजली निगम के अधिकारियों की कार्य प्रणाली और लेटलतीफी की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। कमिश्नर ने संज्ञान लेेते हुए मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम औचक निरीक्षण के लिए भेजी।
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सुबह 10 बजे टीम बिजली कार्यालयों पर पहुंची तो कर्मचारियों की उपस्थिति हैरान करने वाली थी। मुख्य अभियंता कार्यालय में काफी कर्मचारी नदारद मिले। निरीक्षण के दौरान ही मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह भी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद टीम अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंची।
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यहां अधिशासी अभियंता समेत दफ्तर के क्लर्क गायब मिले। टीम के बताने पर वहां मौजूद चपरासी ने कार्यालय का ताला खोला। इसके बाद वहां की उपस्थिति पंजिका को टीम ने अपने पास रख लिया। वहां से विद्युत वितरण खंड ग्रामीण द्वितीय के कार्यालय पहुंची टीम को वहां अधिशासी अभियंता सोमदत्त मिले। साथ में कार्यकारी सहायक रामअनूप पाल भी मौजूद रहे। इन्हें छोड़कर अलावा सभी कर्मचारी अनुपस्थित मिले। यहां भी टीम ने कार्यालयों से उपस्थिति पंजिका को जब्त कर लिया। टीम के आने की जानकारी होने पर खंड प्रथम व द्वितीय के कर्मचारी दौड़-भाग कर कार्यालय पहुंचे, तबतक टीम वापस लौट चुकी थी।
एंटी थेफ्ट थाने में नहीं थे प्रभारी
मोहद्दीपुर मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में ही एंटी थेफ्ट थाना भी है। टीम यहां पहुंची तो मौके पर तीन सिपाही मिले। टीम ने प्रभारी के बारे में पूछा तो पता चला कि वह विवेचना पर निकले हैं। प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि दफ्तर में एक मुंशी और सिपाही थे। दो टीमें सुबह से ही निकलकर बिजली चोरी की विवेचना तैयार करती हैं।
अधीक्षण अभियंता शहरी कार्यालय का भी किया निरीक्षण
टीम ने अधीक्षण अभियंता शहरी के कार्यालय का भी निरीक्षण किया तो यहां चार कर्मचारी उपस्थित तो चार नदारद मिले। पता चला कि अधीक्षण अभियंता शहरी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कार्यालय को सैनिटाइजेशन के लिए बंद कराया जा रहा है।
मनमाने तरीके से पहुंचते हैं कई कर्मचारी
बिजली निगम मोहद्दीपुर में कई कर्मचारी अपनी मनमर्जी से कार्यालय पहुंचते हैं। चूंकि सभी की दिनचर्या में यह शामिल हो गया ऐसे में उन्हें उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर भी मनमाने ढंग से बनाने में दिक्कत नहीं होती है। चर्चा रही कि अगर टीम छोड़ी देर और रुककर बाकि बचे दफ्तरों की भी पड़ताल करती तो अनुपस्थिति की संख्या हैरान कर देती।
मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिन कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का वहन निष्ठापूर्वक नहीं करते, वे ही देर से दफ्तर आते हैं। यह गलत है। प्रशासनिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद अनुपस्थित कर्मचारियों-अधिकारियों पर फैसला लिया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता शहरी कार्यालय का भी किया निरीक्षण
टीम ने अधीक्षण अभियंता शहरी के कार्यालय का भी निरीक्षण किया तो यहां चार कर्मचारी उपस्थित तो चार नदारद मिले। पता चला कि अधीक्षण अभियंता शहरी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कार्यालय को सैनिटाइजेशन के लिए बंद कराया जा रहा है।
मनमाने तरीके से पहुंचते हैं कई कर्मचारी
बिजली निगम मोहद्दीपुर में कई कर्मचारी अपनी मनमर्जी से कार्यालय पहुंचते हैं। चूंकि सभी की दिनचर्या में यह शामिल हो गया ऐसे में उन्हें उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर भी मनमाने ढंग से बनाने में दिक्कत नहीं होती है। चर्चा रही कि अगर टीम छोड़ी देर और रुककर बाकि बचे दफ्तरों की भी पड़ताल करती तो अनुपस्थिति की संख्या हैरान कर देती।
मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिन कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का वहन निष्ठापूर्वक नहीं करते, वे ही देर से दफ्तर आते हैं। यह गलत है। प्रशासनिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद अनुपस्थित कर्मचारियों-अधिकारियों पर फैसला लिया जाएगा।