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कोरोना संकट: नवरात्र में पूजन व सप्तशती का पाठ कराएं ऑनलाइन, कोविड के डर से पुरोहितों ने लिया फैसला
Sat, 10 Apr 2021 07:44 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 10 Apr 2021 07:44 PM IST
सार
- कोविड संकट के मद्देनजर शहर के कुछ पुरोहितों ने लिया फैसला
- गीता वाटिका प्रबंधन भी कराएगा ऑनलाइन दुर्गा सप्तशती का पाठ
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नवरात्र
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वासंतिक नवरात्र में श्रद्धालु पुरोहितों से ऑनलाइन पूजन और दुर्गा सप्तशती का पाठ करा सकेंगे। कोविड के बढ़ते खतरे के मद्देनजर शहर के कुछ पुरोहितों ने ऑनलाइन पूजन और दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने का निर्णय लिया है। पिछला वासंतिक नवरात्र कोविड की भेंट चढ़ गया। लॉकडाउन के कारण न तो मंदिर खुले और न ही पुरोहित घरों पर जाकर पूजन-पाठ करा सके। कुछ दिनों तक लोगों को राहत देकर कोरोना ने एक बार फिर से अपने पैर फैलाने शुरू कर दिए है।
ऐसे में इससे बचने का एक मात्र उपाय है सामाजिक दूरी। लेकिन इस सामाजिक दूरी के कारण वासंतिक नवरात्र में पुरोहितों को आजीविका के संकट से भी जूझना पड़ेगा। इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ पुरोहितों ने इस बार नवरात्र में ऑनलाइन पूजन के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ भी कराने का निर्णय लिया है।
इसी क्रम में कदम बढ़ाते हुए गीता वाटिका की ओर से वासंतिक नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ ऑनलाइन कराने की व्यवस्था की गई है। इस अनुष्ठान को कराने के लिए गीता वाटिका में यजमान की प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं रहेगी। केवल फेसबुक पर दिन में एक बार सीधे प्रसारण की व्यवस्था रहेगी।
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हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के मंत्री उमेश सिंघानिया ने बताया कि ऑनलाइन दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने के इच्छुक अपना नाम, पता, गोत्र व मोबाइल नंबर एवं समिति के बैंक खाते में 7500 रुपये दक्षिणा स्वरूप जमा कराकर उसकी रसीद व्हाट्सएप नंबर 9721526810 पर भेजनी होगी। इसके बाद 13 अप्रैल से दुर्गा सप्तशती का पाठ कराया जाएगा।
पिछले साल वासंतिक नवरात्र में रोजगार के संकट से जूझने वाले पुरोहित अवधेश मिश्रा ने बताया कि इस बार उन्होंने पहले ही पूजन और दुर्गा सप्तशती के पाठ की व्यवस्था बना ली है। बताया कि उन्होंने अपने यजमानों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ऑनलाइन पूजन व पाठ करवाने की बात कही। जिसके बाद 11 यजमानों ने ऑनलाइन पूजन एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने की सहमति दे दी है।
बताया कि पूजन के लिए कोई दक्षिणा तय नहीं की गई है। यजमान अपनी खुशी से जो भी दक्षिणा देंगे उसे स्वीकार करेंगे। इसी तरह पंडित अरविंद गिरि, घनश्याम पांडेय आदि पुरोहित ऑनलाइन पूजन और दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने का निर्णय लिया है।
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ऐसे में इससे बचने का एक मात्र उपाय है सामाजिक दूरी। लेकिन इस सामाजिक दूरी के कारण वासंतिक नवरात्र में पुरोहितों को आजीविका के संकट से भी जूझना पड़ेगा। इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ पुरोहितों ने इस बार नवरात्र में ऑनलाइन पूजन के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ भी कराने का निर्णय लिया है।
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इसी क्रम में कदम बढ़ाते हुए गीता वाटिका की ओर से वासंतिक नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ ऑनलाइन कराने की व्यवस्था की गई है। इस अनुष्ठान को कराने के लिए गीता वाटिका में यजमान की प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं रहेगी। केवल फेसबुक पर दिन में एक बार सीधे प्रसारण की व्यवस्था रहेगी।
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हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के मंत्री उमेश सिंघानिया ने बताया कि ऑनलाइन दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने के इच्छुक अपना नाम, पता, गोत्र व मोबाइल नंबर एवं समिति के बैंक खाते में 7500 रुपये दक्षिणा स्वरूप जमा कराकर उसकी रसीद व्हाट्सएप नंबर 9721526810 पर भेजनी होगी। इसके बाद 13 अप्रैल से दुर्गा सप्तशती का पाठ कराया जाएगा।
पिछले साल वासंतिक नवरात्र में रोजगार के संकट से जूझने वाले पुरोहित अवधेश मिश्रा ने बताया कि इस बार उन्होंने पहले ही पूजन और दुर्गा सप्तशती के पाठ की व्यवस्था बना ली है। बताया कि उन्होंने अपने यजमानों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ऑनलाइन पूजन व पाठ करवाने की बात कही। जिसके बाद 11 यजमानों ने ऑनलाइन पूजन एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने की सहमति दे दी है।
बताया कि पूजन के लिए कोई दक्षिणा तय नहीं की गई है। यजमान अपनी खुशी से जो भी दक्षिणा देंगे उसे स्वीकार करेंगे। इसी तरह पंडित अरविंद गिरि, घनश्याम पांडेय आदि पुरोहित ऑनलाइन पूजन और दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने का निर्णय लिया है।