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डीडीयू में छात्रा की मौत का मामला: प्रियंका की सहेलियों के कॉल डिटेल भी खंगालेगी पुलिस, जानिए क्या है पूरा मामला
Fri, 13 Aug 2021 11:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 11:35 AM IST
सार
मोबाइल नंबरों की 20 जुलाई से 5 अग्सत के बीच की निकाली जा रही डिटेल। प्रियंका के घर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच से अभी तक कोई ऐसा ठोस सुराग नहीं मिला है, जिससे अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।
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मृत छात्रा प्रियंका की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय में बीएससी गृह विज्ञान की छात्रा प्रियंका कुमारी की मौत की गुत्थी पुलिस नहीं सुलझा पा रही है। प्रियंका के घर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच से अभी तक कोई ऐसा ठोस सुराग नहीं मिला है, जिससे अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। दूसरी तरफ प्रियंका की करीबी कुछ सहेलियों के मोबाइल नंबरों की 15 दिन की कॉल डिटेल निकाली जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, प्रियंका की मौत कैसे और क्यों हुई, इसकी जांच पिछले 13 दिनों से जारी है। अब तक पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। सीन री-क्रिएट किया जा चुका है। अब एसएफएल रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस के मुुताबिक प्रियंका के घर पर जो मोबाइलफोन रहता था, उसके कॉल डिटेल से मौत की असली वजह नहीं तलाशी जा सकी है। अब सहेलियों के मोबाइल नंबरों की 20 जुलाई से 5 अगस्त के बीच की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। इससे मौत की असली वजह तलाशने की कोशिश की जाएगी।
दरअसल, प्रियंका अलग से कोई फोन नहीं रखती थी। जब जरूरत पड़ती थी, तब घर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती थी। पुलिस को उम्मीद है कि प्रियंका ने सहेलियों के मोबाइलफोन का इस्तेमाल किया होगा। हालांकि यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। इससे पहले दो सहेलियों से पूछताछ की गई थी। तीन सहेलियों से बृहस्पतिवार को पूछताछ होनी थी लेकिन पुलिस ने अपरिहार्य कारण बताकर इसे स्थगित कर दिया। मामले की विवेचना कर रहे सीओ चौरीचौरा जगत कन्नौजिया ने बताया कि दो सहेलियों से पूछताछ की गई थी लेकिन कुछ खास हासिल नहीं हुआ। अब जांच के अलग बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
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यह है मामला
31 जुलाई को गृह विज्ञान विभाग के स्टोर रूम में प्रियंका कुमारी का शव अपने ही दुपट्टे से बनाए गए फंदे से लटकता मिला था। प्रियंका के पिता विनोद कुमार ने गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष और उनके सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इसके बाद ही मृतका के पिता ने दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट परीक्षण के लिए पांच सदस्यीय डॉक्टरों की कमेटी गठित की गई थी। मंगलवार को रिपोर्ट आने पर पोस्टमार्टम को सही ठहराया था।
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जानकारी के मुताबिक, प्रियंका की मौत कैसे और क्यों हुई, इसकी जांच पिछले 13 दिनों से जारी है। अब तक पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। सीन री-क्रिएट किया जा चुका है। अब एसएफएल रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस के मुुताबिक प्रियंका के घर पर जो मोबाइलफोन रहता था, उसके कॉल डिटेल से मौत की असली वजह नहीं तलाशी जा सकी है। अब सहेलियों के मोबाइल नंबरों की 20 जुलाई से 5 अगस्त के बीच की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। इससे मौत की असली वजह तलाशने की कोशिश की जाएगी।
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दरअसल, प्रियंका अलग से कोई फोन नहीं रखती थी। जब जरूरत पड़ती थी, तब घर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती थी। पुलिस को उम्मीद है कि प्रियंका ने सहेलियों के मोबाइलफोन का इस्तेमाल किया होगा। हालांकि यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। इससे पहले दो सहेलियों से पूछताछ की गई थी। तीन सहेलियों से बृहस्पतिवार को पूछताछ होनी थी लेकिन पुलिस ने अपरिहार्य कारण बताकर इसे स्थगित कर दिया। मामले की विवेचना कर रहे सीओ चौरीचौरा जगत कन्नौजिया ने बताया कि दो सहेलियों से पूछताछ की गई थी लेकिन कुछ खास हासिल नहीं हुआ। अब जांच के अलग बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
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यह है मामला
31 जुलाई को गृह विज्ञान विभाग के स्टोर रूम में प्रियंका कुमारी का शव अपने ही दुपट्टे से बनाए गए फंदे से लटकता मिला था। प्रियंका के पिता विनोद कुमार ने गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष और उनके सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इसके बाद ही मृतका के पिता ने दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट परीक्षण के लिए पांच सदस्यीय डॉक्टरों की कमेटी गठित की गई थी। मंगलवार को रिपोर्ट आने पर पोस्टमार्टम को सही ठहराया था।