फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Police Strict action against violating lockdown order in Gorakhpur

Gorakhpur Lockdown: लॉकडाउन के उल्लंघन को हल्के में ले रहे हैं तो पढ़ लें ये खबर, पुलिस अब ऐसे सिखाएगी सबक

Tue, 14 Apr 2020 07:11 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 14 Apr 2020 07:11 PM IST
सार

  • आपदा कानून के तहत पुलिस उपनिरीक्षकों के अधिकार बढ़े, सीधे न्यायालय वाद भेजकर करा सकेंगे ट्रायल
  • लॉकडाउन के मुकदमों को देखते हुए लिया गया फैसला, नियम तोड़ने वालों पर बढ़ेगी सख्ती

विज्ञापन
Police Strict action against violating lockdown order in Gorakhpur
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लॉकडाउन के उल्लंघन को हल्के में लेने वालें अब सुधर जाएं। इसमें दर्ज एफआईआर पर सजा होना तय है। आपदा कानून में उपनिरीक्षकों को ये अधिकार दे दिए गए हैं कि वे सीधे कोर्ट में केस का ट्रायल करा सकते है। अभी तक आपदा समिति के शिकायत पर केस होता था, लेकिन अब उपनिरीक्षक सीधे केस दर्ज कर न्यायालय में वाद दाखिल कर ट्रायल करा सकते हैं।
विज्ञापन


इसमें सजा होना तय माना जा रहा है। क्योंकि इनमें अन्य मुकदमों की तरह से लंबी प्रक्रिया से होकर नहीं गुजरना होगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी कर दिया है।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, लॉकडाउन की घोषणा होने के साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 लागू हो गया था। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि लॉकडाउन के नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ आपदा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला आपदा राहत केंद्र से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी क्षेत्र में प्राकृतिक या मानवकृत कारणों, उपेक्षा से पनपने वाली महाविपत्ति को इसमें शामिल किया गया है। कोरोना वायरस महामारी के मामले में केंद्र सरकार ने इसे गंभीर चिकित्सा स्थिति, महामारी के तौर पर अधिसूचित आपदा के रूप में शामिल किया है। लॉकडाउन में आपदा एक्ट की 10 तरह की धाराओं  के तहत कार्रवाई हो सकती है। इनमें 51 से लेकर धारा 60  तक शामिल हैं।

यह नियम और सजा

धारा 51 - बाधा डालना
सरकारी कर्मचारी को कोई व्यक्ति आपदा के दौरान काम करने से रोकता है। उसके काम में बाधा डालता है, सरकार के नियमों को नहीं मानता है तो उस पर कार्रवाई होगी। इसमें एक साल की कैद, जुर्माना लगाकर दंडित किया जा सकता है। आरोपित के कारण किसी को नुकसान पहुंचने पर सजा दो साल की हो सकती है।

धारा 52 - झूठे दावे करना
पीड़ित वर्ग में न होकर भी उसके लिए दी जाने वाली सहायता पर अपना हक जताने, झूठे दावे करने वाले पर यह धारा लगेगी। दोष साबित होने पर दो साल की सजा और जुर्माना का प्रावधान है।

धारा 53 - धन या सामग्री का दुरुपयोग
कोई व्यक्ति पीड़ितों, किसी वर्ग को दी जाने वाली सहायता राशि, सामग्री या अन्य फायदे के गलत तरीके से दावे करता है, वह पीड़ित क्लास से बाहर होने के बावजूद मांग करता है तो उस पर यह धारा लगेगी, इसमें दो साल की सजा हो सकती है।

धारा 54 - गलत चेतावनी
आपदा की परिस्थिति में कोई झूठी चेतावनी या खबर फैलाता है, जिससे लोगों के बीच घबराहट फैले, पैनिक हो, तो इस धारा के तहत कार्रवाई होगी, इसमें एक साल के दंड का नियम है।

धारा 55 - सरकारी कर्मियों पर भी हो सकती है कार्रवाई

सरकारी विभागों की ओर से होने वाले अपराधों से संबंधित है, इसमें कोई सरकारी विभाग का कर्मचारी या अधिकारी अपराध करता है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

धारा 56 - कर्तव्य पूरा न करना
कोई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान सरकार के निर्देशों और अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता है तो उस पर इस धारा में कार्रवाई होगी। इसके तहत एक साल की जेल हो सकती है और जुर्माना लग सकता है।

धारा 57 - आदेश का उल्लंघन
आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत प्रावधान है कि राष्ट्रीय, राज्य या जिला कार्यकारिणी, समिति आपदा की स्थिति में जरूरत पड़ने पर किसी व्हीकल, मकान, भवन की मांग पब्लिक और अन्य संस्थानों से कर सकता है। आदेश का पालन न करने पर एक साल की कैद हो सकती है जुर्माना भी लग सकता है। इसके अलावा किसी वाहन, भवन या अन्य संसाधन की मांग जनता/संस्थानों से कर सकता है। अगर इस संबंध में जारी आदेश का कोई पालन नहीं करता है तो उस पर आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 57 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए उसे एक साल की कैद हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

धारा 58, 59 और 60
इन धाराओं को प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों की ओर से हुए अपराध के संज्ञान के संबंध में है। धारा 59 किसी अभियोजन के लिए पूर्व मंजूरी, धारा 55 व 56 के मामलों में सरकारी विभागों के लिए इस्तेमाल की जाती है।

जिले में 80 से अधिक लोगों पर दर्ज हुए मुकदमे

जिले में लॉकडाउन का उल्लंघन करने के मामले में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत भी मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। बेवजह घूमते पाए गए लोगों के खिलाफ निषेधाज्ञा के उल्लंघन, धारा 269, 270 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट में भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि इन धाराओं में स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा, शालीनता और नैतिकता को प्रभावित करने वाले अपराध शामिल हैं।

किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया गैर जिम्मेदाराना काम, जिससे अन्य किसी व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है, वैसे मामले में धारा 269 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें छह माह की कैद हो सकती है और जुर्माना लग सकता है। किसी जानलेवा बीमारी को फैलाने के लिए किए गए नुकसानदायक काम के मामले में धारा 270 के तहत कार्रवाई होगी।

यह होगा नुकसान
लॉकडाउन के उल्लंघन के मामलों में जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो रही है, उनको आने वाले समय में इसकी सजा भुगतनी पड़ेगी। पुलिसवालों का कहना है कि एक केस उनके नाम से दर्ज हो जाएगा, वह भी ऐसा, जब महामारी एक्ट लागू है।
पुलिस के रिकार्ड में नाम दर्ज हो जाएगा
कोर्ट में मुकदमा लंबे समय तक चलेगा
कचहरी का चक्कर लगाना पड़ेगा, दौड़भाग बनी रहेगी
दोष साबित होने पर जेल होगी और जुर्माना जमा कराना पड़ेगा
पासपोर्ट, कैरेक्टर वेरीफिकेशन, असलहा लाइसेंस बनवाने में मुश्किल होगी

लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी है। जांच के दौरान जो भी बेवजह मिलता है, उस पर केस दर्ज किया जा रहा है। लोगों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सभी लोगों को बताया जा रहा है कि घरों में रहें, सुरक्षित रहें। किसी तरह मदद की सूचना पर पुलिस की टीम लोगों को दवा, भोजन और राशन भी उपलब्ध करा रही है। फिर कुछ लोग बेवजह बाहर आते हैं।
- डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed