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गोरखपुर: अब बच्ची को जन्म देने वाली लड़की तक पहुंची पुलिस, अपराध का ताना-बाना खुला

Wed, 12 Jan 2022 12:47 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 12 Jan 2022 12:47 PM IST
सार

बड़हलगंज के मिश्रौलिया में नवजात बच्ची को मारकर फेंके जाने के मामले में एसएसपी के आदेश पर पुलिस हरकत में आई और डॉक्टर, लड़की का बयान दर्ज किया।

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Police open crime in case of throwing newborn girl to death in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर जिले के बड़हलगंज इलाके के मिश्रौलिया गांव में नवजात बच्ची को मारकर फेंके जाने के मामले में पुलिस, उसे जन्म देने वाली मां तक मंगलवार को पहुंच गई। जहां बच्ची का जन्म हुआ था, उस नर्सिंग होम के डॉक्टर से बातचीत के बाद, पुलिस सीधे उस लड़की के घर पहुंची, जहां से पूरे घटना की शुरूआत हुई थी।

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जांच में पता चला कि लड़की के गांव के एक युवक से बने शारीरिक संबंधों के चलते इस बच्ची का जन्म हुआ। फिर लोकलज्जा के आड़ में लड़की और उसके घरवालों ने क्रूरता की सारी हदें ही पार कर दी थीं। पुलिस ने बच्ची के जैविक पिता की तलाश भी की, लेकिन वह गांव छोड़कर फरार है। पुलिस का दावा है कि इस मामले का जल्द पर्दाफाश कर आरोपितों को जेल भेजा जाएगा।
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गौरतलब है कि इस जघन्य अपराध के मामले में अमर उजाला ने पड़ताल करके मंगलवार के अंक में सारे घटनाक्रम का ताना-बाना खोल दिया था। कौन मां, कौन पिता, कैसे हुआ नवजात, कहां हुआ प्रसव, जैसे तथ्यों को अमर उजाला ने पर्त दर पर्त खोलकर रख दिया था। नतीजा, एसएसपी के आदेश पर बड़हलगंज पुलिस मंगलवार को जो सक्रिय हुई, सब कुछ शीशे की तरह साफ होने लगा। अमर उजाला, बार-बार यही सवाल कर रहा था कि शीशे की तरह साफ केस में पुलिस क्यों सन्नाटा खींचे बैठी है ?  
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जानकारी के मुताबिक, तीन जनवरी को मिश्रौलिया गांव में नवजात बच्ची का शव मिलने के साथ ही चर्चाओं में यह भी सामने आ गया था कि यह बच्ची किसकी है, मगर पुलिस इसमें केस दर्ज करने के बाद भी दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी। खैर, मंगलवार को हरकत में आई पुलिस सुबह 11:30 बजे ही उस गांव में पहुंच गई, जहां पोखरे के किनारे तीन जनवरी 22 को नवजात का शव मिला था। वहां से पुलिस सीधे नर्सिंग होम पहुंच गई। नर्सिंग होम के डॉक्टर ने वही बताया, जो सचाई थी। नाम, पता और स्वस्थ पैदा हुए बच्ची के बारे में जानने के बाद पुलिस लड़की के घर पर पहुंच गई। एक महिला सिपाही ने करीब दो घंटे तक अकेले में लड़की से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस को उस युवक का नाम भी मिल गया, जिसके संबंध से बच्ची का जन्म हुआ था।

सब कुछ जानने के बाद, बड़हलगंज इंस्पेक्टर उमेश कुमार वाजपेयी का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। बच्ची को जन्म देने वाली मां तक पुलिस पहुंची है और बयान भी दर्ज किया गया है। युवक की भी तलाश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

बिन ब्याही मां की उम्र को लेकर भ्रम

बच्ची को जन्म देने वाली लड़की वयस्क है या अवयस्क, अभी यह तय होना बाकी है। यदि वह अवयस्क है तो भले ही संबंध सहमति से बने हो, मामला दुष्कर्म का ही माना जाएगा। यदि लड़की बालिग है तो उसके बयान पर आगे सारा दारोमदार है। यदि उसने आपसी सहमति से शारीरिक रिश्ते बनाने की बात कुबूली तो समझो युवक बच गया, अगर जबरन संबंध बनाने का आरोप लगाया तो फिर युवक की जिंदगी जेल में ही कटनी तय है।
 

गले के नीचे नहीं उतर रहा जन्म देने वाली मां का बयान

बकौल पुलिस, लड़की ने नवजात की मौत को लेकर जो बयान दिया है, उसके मुताबिक वह नर्सिंग होम से बिना बताए निकल गई थी। बच्ची उसके गोद में थी और दर्द से परेशान होने की वजह से संभाल नहीं पा रही थी। रास्ते में अचानक लड़खड़ा कर गिर जाने की वजह से बच्ची की मौत हो गई। युवती के इस बयान से पुलिस संतुष्ट हो सकती है, लेकिन यह सच से परे है।  

महिला रोग विशेषज्ञ भी इस बात से सहमत हैं कि प्रसव के तुरंत बाद पैदल चलना आसान नहीं होता। इस पर बच्ची को गोद में लेकर आधे घंटे पहले प्रसूता बनी लड़की का चलना, यह तो बिल्कुल समझ से परे है। इस हिसाब से अब सवाल यह है कि अगर इस घटनाक्रम को सही मान लें तो बच्ची को चोट लगने पर उसे बचाने की कोशिश क्यों नहीं गई? उसे अस्पताल क्यों लेकर नहीं गए? यह तय किए बिना की वह वाकई मर गई या नहीं, उसे पोखरे के पास फेंक आना कहां तक सही है? ये तमाम सवाल हैं, जो इस बात को साबित करते हैं कि बच्ची की मौत को महज खुद के बचाने के लिए हादसा दर्शाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में सचाई सामने लाती है या फिर वह भी गुमराह करके मामले को रफा-दफा कर देना चाहती है।

दरअसल, युवती के साथ उसकी मां भी थी। असलियत यह है कि प्रसव के बाद बच्ची को युवती की मां ने ही गोद में ले रखा था। नर्सिंग होम से निकलने से लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंचने तक।   

यह थी घटना

तीन जनवरी को बड़हलगंज इलाके के मिश्रौलिया गांव में पोखरे किनारे एक नवजात बच्ची का शव मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। 72 घंटे बाद हुए पोस्टमार्टम में सिर में चोट से नवजात के मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में भाजयुमो नेता रुद्रेश तिवारी की तहरीर पर केस भी दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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