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चोरी के मामलों में नियमानुसार जांच नहीं कर रही पुलिस, पीड़ितों को ऐसे करनी पड़ रही भरपाई
Fri, 22 May 2020 01:00 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 22 May 2020 01:00 PM IST
सार
- चोरी की घटनाओं को हल्के में ले रही है पुलिस
- साक्ष्य संकलन के लिए न तो बुला रही फोरेंसिक टीम और न ही डॉग स्क्वॉड
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस नियमानुसार जांच नहीं कर रही है। पुलिस न तो फोरेंसिक टीम बुलाकर साक्ष्य जुटा रही है और न ही डॉग स्क्वॉड से जांच करा पा रही है। जबकि, नियमों के अनुसार डॉयल 112 पर चोरी की सूचना आने पर पहले पीआरवी के पुलिसकर्मी पहुंचेंगे। फिर स्थानीय पुलिस भी मौके पर जाएगी।
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स्थानीय पुलिस पीसीआर पर फोन कर डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र करेगी। बाद में तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई करेगी। लेकिन, चोरी के अधिकांश मामलों में यह होता नजर नहीं आ रहा है।
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शासन और पुलिस के आला अधिकारी चोरी की घटनाओं को गंभीर अपराध मानते हैं, क्योंकि इससे क्षेत्र में स्थानीय पुलिस की सक्रियता पर सवाल भी उठते हैं। लेकिन, पुलिस अक्सर इन घटनाओं को हल्के में लेती है। ज्यादातर मामले में चोरी हुए माल की बरामदगी भी नहीं हो पाती है। केवल चोरी के कुछ आरोपितों को पकड़कर पुलिस अपनी कार्रवाई पूरी मान लेती है।
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यह हैं घटनाएं
केस एक
खोराबार की एक कॉलोनी में दो बंद मकानों में चोरी हो गई। बुधवार को पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर ही नहीं गई। जबकि, जिन घरों में चोरी हुई थी उनमें से एक खुद पुलिसकर्मी है। उसने खुद बताया कि नियम के अनुसार फोरेंसिक आदि टीमों को बुलाना होता है, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।
केस दो
खोराबार के तारामंडल निवासी एक राजस्व कर्मी के जंगल अयोध्या प्रसाद स्थित फार्म हाउस में अप्रैल में चोरी हो गई थी। सूचना के बाद पुलिस ने नियमों के मुताबिक जांच नहीं कराई। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया, लेकिन अभी भी चोर नहीं पकड़े जा सके।
केस तीन
गगहा इलाके में अप्रैल में एक ही रात गांव के तीन बंद मकानों में चोरी हुई। लेकिन, पुलिस ने नियमानुसार जांच नहीं कराई। केस दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठ गई।
एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने बताया कि चोरी के मामलों में नियमानुसार जांच होनी चाहिए। अधिकांश घटनाओं में फोरेसिक व डॉग स्क्वॉड टीम बुलाई भी जाती है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी होती है। कुछ जगहों पर काम में व्यस्तता की वजह से लापरवाही हुई होगी। इसे सुनिश्चित कराया जाएगा कि नियमानुसार जांच हो।
खोराबार की एक कॉलोनी में दो बंद मकानों में चोरी हो गई। बुधवार को पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर ही नहीं गई। जबकि, जिन घरों में चोरी हुई थी उनमें से एक खुद पुलिसकर्मी है। उसने खुद बताया कि नियम के अनुसार फोरेंसिक आदि टीमों को बुलाना होता है, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।
केस दो
खोराबार के तारामंडल निवासी एक राजस्व कर्मी के जंगल अयोध्या प्रसाद स्थित फार्म हाउस में अप्रैल में चोरी हो गई थी। सूचना के बाद पुलिस ने नियमों के मुताबिक जांच नहीं कराई। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया, लेकिन अभी भी चोर नहीं पकड़े जा सके।
केस तीन
गगहा इलाके में अप्रैल में एक ही रात गांव के तीन बंद मकानों में चोरी हुई। लेकिन, पुलिस ने नियमानुसार जांच नहीं कराई। केस दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठ गई।
एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने बताया कि चोरी के मामलों में नियमानुसार जांच होनी चाहिए। अधिकांश घटनाओं में फोरेसिक व डॉग स्क्वॉड टीम बुलाई भी जाती है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी होती है। कुछ जगहों पर काम में व्यस्तता की वजह से लापरवाही हुई होगी। इसे सुनिश्चित कराया जाएगा कि नियमानुसार जांच हो।