फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Police labourer dead body bury due to family not come during lockdown in gorakhpur

मजबूरी ऐसी कि दस दिन बाद भी मजदूर का शव लेने नहीं आए परिजन, पुलिस ने ऐसे करवाया अंतिम संस्कार

Sat, 23 May 2020 09:01 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, खोराबार(गोरखपुर)।
संवाद न्यूज एजेंसी, खोराबार(गोरखपुर)। Published by: vivek shukla Updated Sat, 23 May 2020 09:01 AM IST
सार

  • 17 मई से पोस्टमार्टम में पड़ा था मजदूर का शव, पश्चिम बंगाल के मालदा में रहते हैं परिजन
  • आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से मजदूर का शव लेने नहीं आ पाए परिजन

विज्ञापन
Police labourer dead body bury due to family not come during lockdown in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

विस्तार

दस दिन बीतने के बाद भी लॉकडाउन और आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से मजदूर के परिजन शव लेने नहीं आ पाए। अंत में पुलिस ने मजदूर के शव को मोर्चरी के राजू के हवाले सौंप कर बृहस्पतिवार को दफनवा दिया। लॉकडाउन और आर्थिक मजबूरियों से हार कर परिजन शव लेने के लिए पश्चिम बंगाल से गोरखपुर तक का सफर नहीं कर पाए।

विज्ञापन


13 मई की सुबह इंजीनियरिंग कॉलेज के पास सड़क किनारे एक 65 वर्षीय मजदूर का शव मिला। उसके जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा के रानीगंज चुरलामनी के रामदेव भुइया के रूप में हुई।
विज्ञापन


पुलिस ने पहचान के आधार पर उसके परिजनों को फोन कर मौत की सूचना दी और शव को मोर्चरी में रखवा दिया। जब उसके घर से कोई नहीं आया तो पुलिस ने 17 मई को उसका लावारिस में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद भी पुलिस ने परिजनों को एक बार फिर सूचना दी और 20 मई तक इंतजार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिर भी परिजनों के न आ पाने पर पुलिस ने शव को मोर्चरी के राजू को सौंप दिया और अपने पास से कुछ रकम देकर उसका अंतिम संस्कार करने को कहा। जिसके बाद राजू ने बृहस्पतिवार की शाम को उसके शव को दफना दिया।

कैंट पुलिस इससे पहले भी एक बार शव को दफनवा चुकी है

पुलिस के अनुसार उसके परिजनों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे किसी तरह अनुमति लेकर वेस्ट बंगाल से गोरखपुर किसी वाहन से आ सकें। लिहाजा घरवालों ने पुलिस को दाह संस्कार की अनुमति दे दी।
 
इससे पहले भी कैंट पुलिस एक मजदूर के शव को दफनवा चुकी है। जानकारी के अनुसार लुधियाना से पैदल आ रहे मजदूर बिहार के अररिया के मबसेटी निवासी जुबरैल को गोरखपुर पहुंचने पर मोहद्दीपुर पुलिस ने 19 अप्रैल को रोक कर क्वारंटीन करा दिया था।

बाद में उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों के असमर्थता जताने पर कैंट पुलिस ने खुद दफनवा दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed