गोरखपुर: पुलिस की पाठशाला में एएसपी ने दिया सबक, सोशल मीडिया पर फोटो, वीडियो डालने से बचें
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मोबाइल फोन पर इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान अनजाने में किए गए कई काम भी आप को परेशानियों में डाल सकते हैं। ऐसे में साइबर क्राइम से बचने के लिए सावधानी बरतने में ही समझदारी है। अक्सर देखा जाता है कि दोस्ती होने पर छात्र-छात्राएं अपने व्यक्तिगत फोटो, वीडियो साझा करने लगते हैं, दोस्ती टूटने पर इसका गलत इस्तेमाल होता है।
ऐसे में दोस्ती चाहे जितनी भी गहरी हो, अपने फोटो, वीडियो को सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफाॅर्म पर साझा न करें। इसके बाद भी अगर कोई परेशान या फिर धमकी देने की कोशिश करता है तो चुप नहीं रहना चाहिए। 1090 पर छात्राओं की हर समस्या का समाधान होता है।
ये बातें एएसपी मानुष पारिक ने शुक्रवार को रानीडीहा स्थित संस्कृति पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं। एएसपी ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। उनके सवालों के तर्कसंगत जवाब दिए। अपराध होने से सजा दिलाने तक की प्रक्रिया को समझाया।
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एएसपी ने कहा कि आजकल की सबसे बड़ी जरूरत मोबाइल फोन ही एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसका इस्तेमाल छात्र जीवन में पढ़ाई के लिए करना चाहिए। इसका आदती नहीं होना चाहिए। नहीं तो इसका असर आप के ही जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बारे में भी जानकारी दी।
बताया कि सोशल मीडिया पर अपने फोटो या वीडियो को शेयर नहीं करना चाहिए। उदाहरण देते हुए बताया कि कोई रिश्तेदार आया तो यह अच्छी बात है, इसे सोशल मीडिया पर डालने से फायदा नहीं। क्योंकि जालसाज इसी व्यक्तिगत जानकारियों को हासिल करके जालसाजी की वारदात करते हैं। स्कूल प्रिंसिपल ज्ञांती सिंह ने कहा कि पुलिस की पाठशाला विद्यार्थियों के जीवन में बहुत कारगर साबित होगी।
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छात्राओं के सवालों का एएसपी ने दिया जवाब
जवाब : सबके लिए एक ही नियम होता है। नियम तोड़ने पर पुलिस वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
सवाल (अल्का, इंटर) : फेक आईडी से कैसे बचा जाए? पुलिस इस पर जल्दी कार्रवाई क्यों नहीं करती है?
जवाब : अपने व्यक्तिगत फोटो, वीडियो को कभी भी सोशल मीडिया पर साझा न करें। फेक आईडी की शिकायत आते ही पुलिस कार्रवाई करती है। इसकी शिकायत घर बैठे ऑनलाइन भी कर सकते हैं।
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सवाल (सत्या, 10 वीं) : अपराध होने पर पुलिस जेंडर के हिसाब से कार्रवाई क्यों करती है?
जवाब : कानून सबके लिए एक समान होता है। महिलाओं के अपराध में शामिल होने पर पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतती है। ऐसे आरोपी को सिर्फ महिला पुलिस ही पकड़ती है। ऐसा कभी भी नहीं होता कि महिला अपराध करे और बच जाए।
सवाल (सृष्टि सिंह, 10वीं) : ऑनलाइन जालसाजी से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
जवाब : अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी को मत दीजिए। अगर, इसके बाद भी जालसाजी हो जाती है, तो सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए।